
जानकारी के अनुसार, यह परिवार धरमनगर इलाके में किराए का मकान लेकर रह रहा था और अंडा-बिरियानी का ठेला लगाकर जीवन यापन कर रहा था। आरोपियों में मो. दिलावर खान (49) उसकी पत्नी परवीन बेगम (45) और एक नाबालिग बेटी भी शामिल है। पूछताछ में पता चला कि यह परिवार बांग्लादेश के मुख्तारपुर थाना, मुंशीगंज का मूल निवासी है। उन्होंने भारत में रहने के लिए फर्जी दस्तावेज भी तैयार करवाए थे।
35 साल की उम्र में आठवीं पास किया
पुलिस ने जब दस्तावेजों की जांच की तो उनमें कई गड़बड़ियां पाई गई। दिलावर ने 35 साल की उम्र में खुद के लिए आठवीं कक्षा की मार्कशीट बनवाई थी। इसी मार्कशीट के आधार पर पुलिस को शक हुआ। इतनी उम्र का व्यक्ति कैसे आठवीं कक्षा में पढ़ सकता है। इसके अलावा पुलिस को आरोपी के घर से 4 पासपोर्ट भी मिले हैं। जिसमें दो पासपोर्ट पति-पत्नी के हैं। वहीं दो पासपोर्ट उसकी बेटी के है। जिसमें एक पुराना है, वहीं दूसरा अपडेटेड है।
कॉल कनेक्शन की भी जांच
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इनका संपर्क किसी संदिग्ध नेटवर्क या गुट से तो नहीं है। आरोपी ने अपने मोबाइल नंबर से कई बार बांग्लादेश के अलग-अलग नंबरों पर बातचीत की है। जिसमें एक नंबर बांग्लादेश में रहने वाली उसकी बहन का है। दिलावर 16 सालों में 4 बार भारत से बांग्लादेश आना-जाना कर चुका है। सबसे पहले वह बंगाल के बनगांव बॉर्डर से अकेले आया था, यहां साल भर रहने के बाद उसने अपनी पत्नी और बेटी को भी यहां बुला लिया।
भारत के अलग-अलग शहरों में भी किया निवास
आरोपी मोहम्मद दिलावर से पुलिस ने पूछताछ में पाया कि आरोपी भारत के नागपुर, मुंबई फिर रायपुर जैसा शहरों में निवास किया है। शुरुआत में वह अपने लिए अनुकूल जगह खोज रहा था। इसके बाद वह पचपेड़ी नाका के धरमनगर इलाके में शिफ्ट हुआ। यहां पर भी वह अलग-अलग कई मकानों पर किराए में रह चुका है।