
चिट्ठी में सांसद ने लिखा है कि, यह अत्यंत दुःख का विषय है कि समय-समय पर निर्देश और प्रयासों के बावजूद इस महत्वपूर्ण संस्थान में सर्जरी की सेवाएं बंद पड़ी है। जिस कारण प्रदेश की गरीब जनता जीवनरक्षक इलाज से वंचित रह रही है। निजी अस्पतालों की लूट का शिकार होने को मजबूर है।
अफसरों ने ध्यान नहीं दिया
बृजमोहन ने अपने पत्र में लिखा है कि, पहले स्वशासी परिषद की बैठकों समेत कई मंचों पर इस गंभीर विषय की ओर ध्यान आकृष्ट किया गया था, लेकिन प्रशासनिक उपेक्षा के चलते आज भी मरीजों को केवल तारीख पर तारीख दी जा रही है। कई मरीज इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे हैं, वहीं कुछ गरीब परिवार इलाज के लिए अपना सब कुछ बेच देने को विवश हैं।
सांसद अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि इस विषय पर वरिष्ठ अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक आयोजित कर अविलंब निर्णय लिया जाए, ताकि मेकाहारा रायपुर स्थित कार्डियक इंस्टीट्यूट में गरीब जनता को आवश्यक सर्जरी सुविधा उपलब्ध कराई जा सके और उन्हें जीवनदान मिल सके।