रायपुर समेत छत्तीसगढ़ राज्य में सर्वाइकल कैंसर के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, हर साल हजारों महिलाएं इस बीमारी से जूझ रही हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस कैंसर का प्रमुख कारण एचपीवी वायरस है, जो असुरक्षित यौन संबंधों के कारण फैलता है। यदि समय रहते इस बीमारी की पहचान हो जाए और उपचार शुरू किया जाए, तो इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
जागरुकता जरूरी
विशेषज्ञ कहते हैं, सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए न केवल टीका महत्वपूर्ण है, बल्कि महिलाओं को नियमित जांच की आदत भी डालनी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग और विभिन्न गैर सरकारी संस्थाओं द्वारा पैप स्मीयर टेस्ट और एचपीवी टेस्ट जैसी जांचों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन जांचों के माध्यम से सर्वाइकल कैंसर का जल्दी पता लगाया जा सकता है, जो इलाज में मददगार साबित होता है।
सर्वाइकल कैंसर, गंभीर खतरा
रायपुर अप्रैल के अंतिम सप्ताह में विश्व टीकाकरण सप्ताह मनाया जाता है। इसका उद्देश्य सभी आयु वर्ग के लोगों को बीमारियों से बचाने के लिए टीकों के उपयोग को बढ़ावा देना है। इस अवसर पर हम महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर के प्रति जागरूक करने और इसके रोकथाम के लिए जरूरी कदमों पर जोर देंगे।
ग्रामीण इलाकों में यह समस्या अधिक देखी जा रही
कैंसर सर्जन डॉ. युसूफ मेमन कहते हैं, सर्वाइकल कैंसर 80 से 85 प्रतिशत मामलों में एचपीवी वायरस के कारण होता है। अगर यह वैक्सीनेशन शादी से पहले किया जाए, तो कैंसर के होने की आशंका को काफी हद तक कम किया जा सकता है। यह वैक्सीनेशन 7 प्रकार के वायरस से बचाव करती है, जो 95 प्रतिशत तक प्रभावी है। लड़कियों के लिए यह 14 से 24 साल के बीच विशेष रूप से फायदेमंद है, जबकि लड़कों में भी यह पेनाइल कैंसर से बचाव करता है।