
उन्होंने सदन में जोर देकर कहा, जिनका इतिहास नहीं होता और जिन्हें अपने इतिहास पर गर्व नहीं होता, उनका वर्तमान भी नहीं होता। सरकार इसे उचित संरक्षण और प्रचार-प्रसार दे, तो यह स्थल न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व के लिए गौरव का विषय बन सकता है।
केंद्र और राज्य सरकार से मांग
सांसद ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार इस मांग को गंभीरता से लेगी और सिरपुर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर के रूप में स्थापित करने के लिए ठोस योजनाएं बनाएंगी । भारत की सॉफ्ट पावर को मजबूती ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों के संरक्षण से भारत की वैश्विक पहचान एक सांस्कृतिक महाशक्ति के रूप में और मजबूत होगी। बौद्ध धर्म से जुड़े देशों में भारत की छवि एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित होगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय संबंधों को भी मजबूती मिलेगी।