सरगुजा के पीजी कॉलेज के एक सीनियर प्रोफेसर को पुलिस ने मां काली पर अमर्यादित टिप्पणी करने के मामले में गिरफ्तार कर लिया

Chhattisgarh Crimesसरगुजा के पीजी कॉलेज के एक सीनियर प्रोफेसर को पुलिस ने मां काली पर अमर्यादित टिप्पणी करने के मामले में गिरफ्तार कर लिया है। प्रोफेसर ने कॉलेज के वॉट्सऐप ग्रुप में किए गए पोस्ट में मां काली को “बिग डेविल” बताया था। मामले में शिकायत मिलने पर गांधीनगर पुलिस ने प्रोफेसर के खिलाफ धारा 298 BNS के तहत अपराध दर्ज किया था। हालांकि प्रोफेसर ने वीडियो जारी कर माफी भी मांगी है। जानकारी के मुताबिक, PG कॉलेज के बॉटनी के सीनियर प्रोफेसर HD महार ने शुक्रवार सुबह वॉट्सऐप ग्रुप में एक पोस्ट डाला। इसमें लिखा गया है कि काली माई से बड़ा शैतान कोई नहीं है। इस पोस्ट को लेकर हिंदुवादी संगठनों ने एतराज जताते हुए भाजपा जिला मंत्री इंदर कुमार भगत के नेतृत्व में गांधीनगर थाने में शिकायत की थी। मामले में पुलिस ने धारा 298 का FIR दर्ज किया था।गांधीनगर पुलिस ने किया गिरफ्तार

मामले में FIR के बाद पुलिस प्रोफेसर एचडी महार की तलाश कर रही थी।गांधीनगर थाना प्रभारी गौरव कुमार पांडेेय ने बताया कि मामले में शिकायत पर प्रोफेसर एसडी महार के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की धारा 298 BNS Act के तहत अपराध दर्ज किया गया था।

 

पुलिस ने उन्हें शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने शनिवार शाम प्रोफेसर को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें सेंट्रल जेल भेज दिया गया है। वीडियो जारी कर प्रोफेसर ने मांगी माफी

कॉलेज के प्रोफेसर ने अपने वॉट्सऐप पोस्ट के लिए वीडियो जारी कर माफी मांगी है। वीडियो में प्रोफेसर HD महार ने कहा है कि-

 

“मैने अपने पोस्ट में मां काली के धूमा-वती रूप के बारे में कुछ लिख दिया था, उसके लिए मैं पूरे हिंदू समाज से हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं। ”

 

“मैं स्वयं हिंदू हूं और लुचकी घाट मां काली मंदिर स्थापना समिति का फाउंडर मेंबर हूं। मैं स्वयं काली मां का उपासक हूं। ग्रामर मिस्टेक के कारण ऐसा हुआ है। मैं हिंदू समाज, विशेषकर छात्रों से माफी मांगता हूं। मुझे क्लास में बॉटनी के अलावे कुछ नहीं बोलना था। ”

 

छात्रों में प्रोफेसर की टिप्पणी से आक्रोश

मामले को लेकर गैर.राजनीतिक संगठन आजाद सेवा संघ के प्रदेश सचिव रचित मिश्रा और जिला अध्यक्ष प्रतीक गुप्ता के साथ एवीबीपी के सदस्य कॉलेज प्राचार्य और पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल को आवेदन सौंपकर दोषी प्रोफेसर को तत्काल निलंबित करने और सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की थी।