
उन्होंने कहा कि देश की जनता ने सरकार को पूरा समर्थन दिया है, लेकिन सरकार यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। जो अमेरिका सीजफायर का श्रेय लेना चाह रहा है क्या उसने ऐसी गारंटी दी है? क्या पाकिस्तान से ऐसी कोई सुरक्षा गारंटी मिली है?”
जांजगीर-चांपा में कांग्रेस आज दोपहर 2 बजे से संविधान बचाओ रैली निकालेगी। रैली में कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता और छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट शामिल होंगे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बैज और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी रैली में मौजूद रहेंगे।
पार्लियामेंट का विशेष सत्र बुलाने की मांग
सचिन पायलट ने केंद्र सरकार से संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की, ताकि इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा हो सके। पायलट का कहना है कि जो तथ्य सामने आ रहे हैं, उन पर सरकार को स्पष्टीकरण देना चाहिए, ताकि देश की जनता के मन में जो सवाल हैं, उनका समाधान हो सके
अमेरिका की चुप्पी पर उठाए सवाल
सचिन पायलट ने कहा, सीजफायर की घोषणा अमेरिका के राष्ट्रपति कर रहे हैं। पहली बात की हमारा मुद्दा आतंकवाद है, लेकिन जानबूझकर कश्मीर के मुद्दे को चर्चा में लाया गया है। मुझे बड़ा खेद है कि अमेरिका के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और उनके विदेश मंत्री जब-जब इस प्रकरण के बारे में चर्चा की है तो उन्होंने एक बार भी आतंकवाद शब्द का इस्तेमाल नहीं किया है।
कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में बयान देने वाले मंत्री को बर्खास्त करें
पायलट ने कहा कि, मध्य प्रदेश के मंत्री कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में गलत टिप्पणी कर रहे। उन्हें माफी मांगनी चाहिए। भाजपा के जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग क्या कर रहे हैं? मंत्री को बर्खास्त करना चाहिए। यह क्या बताना चाहते हैं, धर्म और मजहब के नाम पर लोगों को बांटना चाहते हैं।
मुझे आश्चर्य है कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व इसलिए चुप बैठा है कि दो-तीन दिन में मामला ठंडा पड़ जाए और इसका जवाब हमें ना देना। पब्लिक सब सुनती है और याद रखती है।
संसद में दोबारा पारित हो PoK पर प्रस्ताव
पाक समर्थित आतंकवाद जिसे पूरा विश्व जानता था उस पर चर्चा बंद हो गई है। और न जाने कहां से कश्मीर पर चर्चा शुरू हो गई है। 1994 में नरसिम्हा राव की सरकार में दोनों सदनों में यह प्रस्ताव पारित किया था कि पीओके भारत का अभिन्न हिस्सा है।
पाकिस्तान को उसे खाली करना पड़ेगा। अब समय आ गया है कि संसद का विशेष सत्र बुलाया जाए और उस रेजोल्यूशन को दोबारा पारित किया जाए। क्योंकि पाकिस्तान लगातार गलतफहमी फैलाने की कोशिश कर रहा है। वह अपने इस काम में सफल न हो सके और पूरी दुनिया को पता होना चाहिए।
भारत-पाक की तुलना सही नहीं, आतंकवाद पर एकजुट हो संसद
पायलट ने आगे कहा कि, पिछले 25 सालों में हिंदुस्तान की तुलना चीन से होने लगी थी, लेकिन अब जानबूझकर हिंदुस्तान-पाकिस्तान को बराबर एक तराजू में तोला जा रहा है। मैं समझता हूं कि ये भविष्य के लिए सही नहीं है।
पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के जरिए हमारे देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश करता है। उसके खिलाफ हम सब एकजुट हैं। इसलिए हम लोग सत्र की मांग करते हैं। जो ऑल पार्टी मीटिंग में प्रधानमंत्री नहीं पहुंचे उन्हें आना चाहिए ताकि हमारी एकजुटता को देश और दुनिया देख सके।
सेना किसी पार्टी की नहीं, पूरे देश की है
राहुल गांधी लगातार कितने विमान गिरे जैसे सवाल उठा रहे हैं, इस पर सचिन पायलट ने कहा- भारत की सेना और हमारी DGMO ने स्टेटमेंट दिया है, उस पर हमें पूरा भरोसा है, हम उसका सम्मान करते हैं। निःसंकोच होकर मैं बोल सकता हूं, भारत की फौज किसी दल किसी नेता किसी पार्टी की विचारधारा की नहीं है। यह 140 करोड़ लोगों की अमानत है।
पायलट ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले, ऑपरेशन सिंदूर और सीजफायर को लेकर जो भी तथ्य सामने आ रहे हैं, उस पर सरकार को स्पष्टीकरण देना सरकार की जिम्मेदारी है।
जांच एजेंसियों का हो रहा दुरुपयोग, इसलिए संविधान बचाओ यात्रा जरूरी
सचिन पायलट ने संविधान बचाओ यात्रा को लेकर कहा कि 22 अप्रैल की घटना के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभी राजनीतिक कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया था। संविधान बचाओ यात्रा इसलिए जरूरी है, क्योंकि आज देश में जांच एजेंसियों का दुरुपयोग हो रहा है।
डिप्टी सीएम अरुण साव के बयान पर कहा कि, उन्हें हमारी चिंता करने की जरूरत नहीं है। समय एक जैसा नहीं रहता। आज जो घमंड और अहंकार में सत्ता चला रहे हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि जनता सबक देना जानती है। जो 300 पार और 500 पार की बातें कर रहे थे, वे अब 240 पर अटक गए हैं।
दरअसल अरुण साव ने कहा था कि, कांग्रेस को ‘संविधान बचाओ यात्रा’ नहीं, बल्कि ‘कांग्रेस बचाओ यात्रा’ निकालनी चाहिए।
नक्सलवाद पर कार्रवाई जरूरी, लेकिन बदले की भावना नहीं होनी चाहिए
नक्सलवाद के मुद्दे पर पायलट ने कहा कि कांग्रेस हमेशा शांति, भाईचारे और अमन की पक्षधर रही है। सरकार को जिम्मेदारी से काम करना चाहिए। शौर्य साबित करने के लिए गलत कदम नहीं उठाने चाहिए।