शेयर मार्केट में निवेश पर मोटे मुनाफे का झांसा देकर गुढियारी के कारोबारी से 2.66 करोड़ की ठगी करने वाले चार ठगों को गुजरात, झारखंड और आंध्रप्रदेश में छापा मारकर गिरफ्तार किया है। चारों को बुधवार शाम रायपुर लाया गया। चारों से आला अफसर पूछताछ कर रहे हैं।
चारों की तलाशी के दौरान 17 खातों के दस्तावेज मिले हैं, जिसमें एक साल में 10 करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन हुआ है। गिरोह का सरगना आईटी इंजीनियर है। उसी ने एमबीए पास ट्रांसपोर्ट के साथ मिलकर गिरोह बनाया है। इसमें कुछ और लोग शामिल हैं। उनकी तलाश की जा ही है।
पुलिस अफसरों ने बताया कि गुजरात अहमदाबाद निवासी अशोक शर्मा(28)आईटी इंजीनियर है। यही गिरोह का सरगना है। ठगी के पैसों से उसने आईटी कंपनी शुरू की है। वह ठगी का पैसा कंपनी में लगाता था। सोशल मीडिया में उसकी आंध्रप्रदेश गोदावरी के शेख बाबा (30) से दोस्ती हुई। बाबा एमबीए पास होने के बाद ट्रांसपोर्ट का काम कर रहा था।
इसी दौरान टेलीग्राम में नागेंद्र महतो हजारीबाग झारखंड और प्रियांक ब्रह्मभट्ट गुजरात से उसके संपर्क में आए। उसके बाद चारों ने मिलकर ठगी का गिरोह बनाया। नागेंद्र और प्रियांक सोशल मीडिया में शिकार ढूंढते थे। लोगों को मैसेज कर संपर्क करते थे। जो उनके झांसे में आ जाता था। उन्हें टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ देते थे। बाबा उसमें शेयर ट्रेडिंग की जानकारी देता था।
वही लोगों को झांसे में लेता था। क्योंकि वह खुद भी शेयर ट्रेडर है। अशोक ने फर्जी एप बनाया है, जिसमें लोगों को फर्जी मुनाफा दिखाई देता था। आरोपियों ने गुढियारी के अनाज कारोबारी हेमंत जैन को झांसा दिया। उनसे 2.66 करोड़ रुपए ठग लिए। ठगी के पैसों को आरोपियों ने आपस में बांटा और कारोबार में लगाया।
ठगी के पैसे से शुरू की आईटी कंपनी
पुलिस की पड़ताल में खुलासा हुआ है कि ठगी के पैसों का आरोपी अपने कारोबार में उपयोग कर रहे हैं। अशोक ने ठगी के पैसे से आईटी कंपनी चालू की है। बाबा ने ट्रांसपोर्ट शुरू किया है। उसने हाइवा और ट्रक खरीदा है। दोनों ने अपने-अपने खातों में पैसा लिया है। नागेंद्र और प्रियांक ने प्रॉपर्टी में निवेश किया है। चारों शेयर मार्केट में भी निवेश करते हैं। ठगी का पैसा वहां भी लगाया गया है।
म्यूल अकाउंट में ठगी के पैसों का लेन-देन आरोपियों ने ठगी के पैसों का लेन-देन म्यूल अकाउंट का उपयोग किया है। पुलिस म्यूल अकाउंट की जांच शुरू कर दी है। पुलिस 7 लेयर के ट्रांजेक्शन की जानकारी निकाल रही है। इसमें खातों की व्यवस्था करने वालों की तलाश की जा रही है।