365 दिन बीते…अनसुलझी है रायपुर में लाखों की डकैती

Chhattisgarh Crimes15 मार्च 2024 रात की करीब 3 बजे थे। अंधेरे में बुजुर्ग महिला को सामने कोई खड़ा दिखा। महिला ने कहा- बेटा अपनी दवाई खा ले..तुझको पैरों के दर्द से आराम मिलेगा…। सामने से बेटे का कोई जवाब नहीं आया। मां को अजीब लगा तो उसने मलते हुए अपनी आंखें खोली। वहां 3 लोग खड़े हुए थे।

इस दौरान एक ने नकाब डाला हुआ था। महिला ने पूछा- कौन हो तुम लोग…! तभी एक शख्स ने महिला पर रॉड से हमला कर दिया, फिर वे उनका मुंह तकिए से दबाने लगे। जैसे-तैसे महिला ने ये कहकर अपनी जान बचाई कि तुमको जो लेकर जाना है ले जाओ…बस हमें जिंदा छोड़ दो। ये आपबीती पीड़िता उमा बाई की है।एक साल पहले माना बस्ती इलाके में चोरी की वारदात

आज से ठीक 1 साल पहले तड़के 4 बजे के आसपास माना पुलिस और 112 को सूचना मिली कि माना बस्ती इलाके के एक घर पर चोरी की वारदात हो गई है। पुलिस बस्ती के आखिरी छोर में रहने वाले उमा बाई चंद्राकर और प्रख्यात चंद्राकर के घर पहुंची। वे बहुत घबराए हुए थे। महिला के हाथों पर चोट थी।

उन्होंने हड़बड़ाते हुए पुलिस को बताया कि उसके घर में तीन चोर घुसे हुए थे। उन्होंने मारपीट की, फिर घर से कैश और लाखों रुपए के गहने लूट कर फरार हो गए। इसके बाद पुलिस अफसरों को सूचना दी गई।

एंटी क्राइम यूनिट और FSL की टीम को भी मौके में भेजा गया। पुलिस को कई सबूत मिले, लेकिन इस मामले में अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं। पुलिस साल भर बीतने के बाद भी इन डकैतों तक नहीं पहुंच पाई।
जहां पर पीड़ित परिवार से बातचीत की गई। उस दौरान पीड़ित उमा बाई और उनके बेटे प्रख्यात ने बताया कि वे लोग रोज की तरह रात लगभग 10 बजे डिनर के बाद कमरे में सोने चले गए।

प्रख्यात शादीशुदा है और कृषि विभाग में पोस्टेड है। वह घटना के वक्त पत्नी और 2 बच्चों के साथ अपने कमरे में सो रहा था। बगल के कमरे में उसकी मां थी। रात करीब 3 बजे अचानक मां के चिल्लाने की आवाज आई।

प्रख्यात ने अपने कमरे का दरवाजा खोलने की कोशिश की लेकिन वो बाहर से बंद था। हालांकि उसके कमरे में बाहर तरफ कुंडी भी नहीं है। डकैतो ने बांस और चुन्नी के सहारे कमरे का दरवाजा बाहर से बांध दिया। हालांकि ताकत लगाने पर बांस टूट गया और कमरे का दरवाजा खुला।

मां उमा बाई भी अपने कमरे से निकलकर आंगन में आ चुकी थीं। वह भी बाहर की तरफ आया, उसने कोई चोर घुसा है समझकर एक आरोपी का कुछ दूर तक पीछा किया, लेकिन वो खेत से होते हुए काफी दूर जा चुका था।तार के सहारे घर के अंदर घुसे डकैत

उमा बाई ने दैनिक भास्कर को बताया कि रात 3 बजे के आसपास तीन लोग घर के आंगन में दीवार फांदकर कूदे थे। मेन गेट में एक जाली वाला और दूसरा लकड़ी का दरवाजा है। डकैतों ने बड़ी चालाकी से कुंडी के पास पेंचकस से छेद किया। फिर तार के सहारे कुंडी खोल ली।

वे सबसे पहले बेटे-बहू के कमरे में दाखिल हुए। वहां उन्होंने दबे पांव गहने-रुपए की तलाश की, लेकिन उन्हें कुछ खास नहीं मिला। डकैत बगल में मां उमा बाई के कमरे में घुसे। उन्होंने हाथों में पेंचकस जैसा हथियार पकड़ा हुआ था, जिसकी मदद से पहले लोहे की अलमारी को तोड़ा, फिर लॉकर को मास्टर चाबी से खोल लिया।

इस दौरान करीब 15 लाख के गहने और 40 हजार रुपए कैश लूट लिए। इस दौरान उनके ऊपर हमला भी किया। उमा बाई ने कहा कि डकैतों के हाथों में बेटे के कमरे में टंगी हुई जींस दिखी। जिसे उसने शाम को पहना था। वे उसमे पैसे खोज रहे थे। इस बात से ये भी साफ हो गया कि डकैत, बेटे-बहू के कमरे में भी घुसे थे।तीन लोग घर में घुसे, बाकी लोग बाहर खड़े थे

पूरी वारदात में 5 से ज्यादा लोगों के होने की संभावना थी। इसी वजह से इसे डकैती कहा जा रहा है। पीड़ितों के बयान के मुताबिक, 3 लोग उनके घर में घुसे थे, लेकिन कुछ और भी लोग बाहर खड़े हुए थे, जो निगरानी का काम कर रहे होंगे। बाहर कुछ जगह डंडे भी मिले हैं।

मध्यप्रदेश का पत्थर गैंग इसी पैटर्न पर करता है वारदात

इस डकैती में इस्तेमाल किया गया तरीका मध्य प्रदेश के धार जिले के पत्थर गैंग से मिलता-जुलता है। इस गैंग के सदस्य बहुत खतरनाक हैं। ये बाहरी इलाकों में स्थित घरों को निशाना बनाते हैं, जिसके आसपास खेत होते हैं, ताकि वारदात को अंजाम देकर आसानी से भाग सकें।

ये डकैत इतने खतरनाक हैं कि शाम को टारगेट के आसपास के खेतों में ही सो जाते हैं और फिर रात में वारदात को अंजाम देते हैं। ये शातिर डकैत अपने साथ कोई बड़ा हथियार नहीं रखते हैं।

घर में मिले थे जगह-जगह पत्थर के ढेर

पुलिस चेकिंग में हथियार के पकड़े जाने का डर होता है। गैंग के मेंबर वारदात वाली जगह के आसपास ही पत्थरों का ढेर जमा कर लेते हैं। ताकि किसी के विरोध करने पर उसे आसानी से मार सकें। माना केस में भी घर के चारों तरफ पत्थरों के ढेर मिले हैं।

इसके अलावा आरोपियों ने स्ट्रीट लाइटें भी तोड़ दी थी। आसपास के घरों में बाहर से कुंडी भी लगा दी। जिससे भागने के समय आसानी से कोई पकड़ न पाए।2 घंटे पहले एक और घर में की डकैती की कोशिश

ये डकैत रेकी के बाद पूरी प्लानिंग के साथ माना इलाके में आए थे। वे रात 1 बजे के करीब प्रख्यात चंद्राकर के घर के पीछे तरफ से 200 मीटर दूर पूनम साहू के घर में घुसे थे। इस दौरान उन्होंने लाइट भी बंद कर दी थी।

उन्होंने वहां भी घर के एंट्री गेट में पेंचकस के सहारे छेद करना शुरू किया, लेकिन इस बीच घर वालों की नींद खुल गई। उन्होंने अंदर से ही शोर मचाया तो डकैत भाग निकले ।

पुलिस को फोन नहीं करना बड़ी गलती

डकैतों ने पहले जिस घर में वारदात की कोशिश की उसका मालिक पूनम साहू PHQ में ड्राइवर है। जब उसके घर पर वारदात की कोशिश हुई तो पत्नी और बच्चे डर गए। जिस वजह से घर का कोई भी मेंबर बाहर ही नहीं निकला। उन्होंने पुलिस या पड़ोसियों को भी इसकी सूचना नहीं दी। इसके बाद डकैतों ने दूसरे घर में वारदात को अंजाम दिया।

दूसरे केसेस में उलझी पुलिस

इस मामले में रायपुर की एंटी क्राइम यूनिट और माना थाने की पुलिस जांच में जुटी थी। पुलिस की कई टीमों को मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और दूसरे राज्यों में रवाना भी किया गया। इस वारदात के बाद पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए कई रणनीतियां बनाई।

सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, लेकिन आरोपियों ने कोई भी इलेक्ट्रॉनिक सामान का इस्तेमाल नहीं किया था, न ही भागने के रास्ते एक्सपोज हुए। जिससे लम्बे जांच पड़ताल के बाद भी पुलिस को सफलता नहीं मिली।

इसके अलावा जांच के दौरान पुलिस के पास IPL मैच में इंटरनेशनल सट्टा और हत्याओं से जुड़े दूसरे केस आ गए। जिसके बाद पुलिस अधिकारी और टीम उन केसेस में उलझ गई। इस वारदात की जांच ठंडे बस्ते में चले गई।मां की चीखने की आवाज से खुली बेटे की नींद

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