मृतक के परिवार एवं ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया अपना दुखड़ा

हाथी के हमले से बुजुर्ग की मौत पीड़ित परिवार से मिलने पहुंची सीसीएफ वाइल्ड लाइफ प्रणिता पाल

Chhattisgarh Crimes

मैनपुर। विकासखंड मुख्यालय मैनपुर उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व बफर जोन तौरेंगा परिक्षेत्र के गांव जरहीडीह मे मध्य रात्रि के समय अपने लारी (झोपड़ी)में रहने वाले 67 वर्षीय बुजुर्ग बुधराम पिता गिरिंजा मरकाम जाति गोंड को हाथियों ने उनके झोपडी को तहस-नहस करते हुए बुजुर्ग को टुकड़ा-टुकड़ा कर मार डाले जाने की दिल दहलाने वाली घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। बुजुर्ग का हाथ, पैर, सिर, धड़ सब अलग-अलग बिखरा हुआ पड़ा था। जिसे संबंधित विभागीय अधिकारियों के मार्ग निर्देशन एवं क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के मौजूदगी में पुलिस थाना शोभा द्वारा तहकीकात कर स्वास्थ्य विभाग के डाक्टर द्वारा वहीं पर पोस्टमार्टम की कार्यवाही करते हुए लाश के टुकड़े को परिवार वालों को सौंप दिया गया जिसे वहीं पर अंतिम संस्कार किया गया। हृदय विदारक करने वाली घटना से पूरे क्षेत्र में गमगीन का माहौल है।

ज्ञात हो कि हाथियों का झुंड करेली शोभा होते हुए जरहीडीह गांव को छोड़ आगे पेंड्रा की ओर चले जाते थे। ग्रामीणों ने जानकारी में बताएं कि हमें वन विभाग की ओर से समय पर सूचनार्थ कर दिया जाता तो शायद ऐसी घटना टल सकती थी लेकिन क्या करोगे अनहोनी को कोई नहीं टाल सकता।इस तरह के आकस्मिक घटना से परिवार वाले पूरी तरह से टूट चुके है। जिन्हें ढाढस बंधाने एवं परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करने के लिए सीधे राजधानी रायपुर से वन विभाग के सीपीएफ वाइल्डलाइफ प्रणिता पाल डीएफओ के साथ पूरे वन विभाग की टीम को लेकर आज ही 5 बजे शाम को गांव पहुंचकर मृतक के परिवारों को ढांढस बांधते हुए करीब 1 घंटे तक उनके साथ चर्चा परिचर्चा करते हुए उनके परिवारों को जितना जल्दी हो सके मुआवजा राशि दिलाने के लिए निर्देशित किया गया। साथ में ग्रामीणों को समझाइश देते हुए बताया की घटना तो हो गई लेकिन दोबारा इसकी पुनरावृत्ति ना हो इसलिए सबको समझदारी पूर्वक काम करते हुए रात के समय जंगलों में ना रुके अपने-अपने घरों में रहे और सतर्क रहें।

वन विभाग की टीम आप लोगों के रक्षा करने के लिए ही है। तत्पश्चात घटनास्थल की ओर पहुंच कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया गया। मृतक के परिवार वाले एवं ग्रामीणों के द्वारा अधिकारी मैडम, डीएफओ गरियाबंद,कुल्हाड़ी घाट रेंजर अमर सिंह ठाकुर एवं साथ में आए सभी वन विभाग की टीम का तत्परता के साथ दुख की घड़ी में आकार संबल प्रदान करने के लिए धन्यवाद ज्ञापित भी किया।

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