लाश को दफनाने के लिए वन विभाग के मैदानी अमले के कर्मचारी ने किया माना

  • डेढ़ घंटा तक सड़क में लाश को रखकर ग्रामीण एवं परिवारजन कर रहे थे इंतजार
  • डीएफओ गरियाबंद के आने के बाद भ्रांति को दूर कर समस्या का किया निराकरण
  • जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने गंभीर समस्या के समाधान में निभाई भूमिका

Chhattisgarh Crimes

पूरन मेश्राम/मैनपुर। उदंती सीता नदी टाइगर रिजर्व तौरेंगा परिक्षेत्र के ग्राम भूतबेड़ा में उस समय अफरा तफरी मच गई जब वन विभाग के मैदानी अमले के कर्मचारियों के टीम ने एक बुजुर्ग महिला के लाश को दफनाने के लिए खोदे जा रहे गड्ढे को खोदने के लिए मना कर दिया गया।

परिवार वाले एवं ग्रामीण जन वन विभाग के टीम को समझा भी रहे थे की उक्त स्थान जंगल को शमशान घाट के लिए ग्रामीणों के द्वारा आरक्षित किया गया है। लेकिन वन विभाग के टीम मानने के लिए तैयार नहीं हुआ।

डेढ़ घंटे तक लाश को सड़क पर रखकर परिवार वाले एवं ग्रामीण मुखिया समस्या समाधान के लिए बातचीत करते रहे बात नहीं बनी तब जिला पंचायत उपाध्यक्ष संजय नेताम को फोन से संपर्क कर जानकारी बताया गया तब कहीं डीएफओ गरियाबंद एवं जिला पंचायत उपाध्यक्ष स्वयं गांव पहुंचकर समाधान का समाधान किया गया डीएफओ ने स्वीकार भी किया हमारे टीम के द्वारा मिस कन्फ्यूजन हुआ हम क्षमा प्रार्थी हैं।अब तो लगता है जंगल मे लाश को दफनाने के पहले गड्ढा खोदने के लिए वन विभाग से अनुमति लेनी पड़ेगी।

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