
पूरन मेश्राम।
मैनपुर। क्षेत्रवासियों की बुनियादी मांग पूरा तो हुआ लेकिन उसमें भी ठेकेदारों द्वारा सरकारी मापदंडों को दरकिनार करते हुए खुलेआम भ्रष्टाचार किया जा रहा है। जिसका देखने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी क्षेत्र में नहीं होने के कारण इसका फायदा खुलेआम ठेकेदारों के नुमाइंदे के द्वारा उठाया जा रहा है जिससे भूपेश बघेल सरकार की भूपेश है तो भरोसा है,,, इस पर प्रश्न चिन्ह लगना स्वाभाविक है जानबूझ कर छत्तीसगढ़ शासन के पारदर्शिता कार्यों पर मिलावटी करके क्या संदेश देना चाह रहे हैं।
हम बताने जा रहे हैं निर्माणाधीन डामरीकृत पक्की सड़क निर्माण के हकीकत
विकासखंड मैनपुर के अमलीपदर क्षेत्र में ध्रुवागुड़ी से अमलीपदर, उरमाल होते हुए देवभोग तक लगभग 30 से 40 किलोमीटर तक फोरलेन सड़क का निर्माण किया जा रहा है। पुराने सिंगल लेन सड़क अत्यंत जर्जर होने के कारण क्षेत्रवासी नए सड़क की मांग किये थे जिसके कारण इस सड़क का निर्माण हो रहा है। लेकिन दुर्भाग्य है निर्माणाधीन सड़क में लापरवाही और भ्रष्टाचार देखने को मिल रहा है। ध्रुवागुड़ी से अमलीपदर के बीच नए सड़क निर्माण में जगह-जगह डामरीकृत नए सड़क उखड़ कर अभी से अपना जवाब देने लग गई है। क्षेत्र के दौरे पर पहुँचे युवा संघर्ष मोर्चा गरियाबंद जिलाध्यक्ष युमेन्द्र कश्यप ने कहा कि- सड़क बनते ही उखड़ने लग गई है।
सड़क निर्माण में लापरवाही और भ्रष्टाचार साफ़ नज़र आ रहा है। सड़क निर्माण के नाम सिर्फ़ थूक पालिस किया जा रहा है। क्षेत्रवासी लम्बे समय से नए सड़क की मांग कर रहे थे अब नए सड़क का निर्माण किया जा रहा है तो उसमें भी भ्रष्टाचार किया जा रहा है। कहीं कहीं पर तो डामर पुरी तरह उखड़ गई है।तो कहीं डामर ही बिछाया नही गया है। सड़क बनते ही उखड़ने लग रहा है। इस तरह की घटिया सड़क निर्माण किया जाना क्षेत्रवासियों के प्रति ग़ैर ज़िम्मेदराना रवैया साबित हो रहा है।