
शासन से इस आदेश से टैक्स जमा ना करने वाले हितग्राहियों को सीधा फायदा मिलेगा। क्योंकि टैक्स जमा करने की समय सीमा समाप्त हो चुकी है। अप्रैल माह में टैक्स जमा करने पर निगम बकाया राशि का 17 प्रतिशत सरचार्ज वसूल करता। हितग्राहियों को 30 अप्रैल तक सरचार्ज की राशि जमा नहीं करनी पड़ेगी। इससे हितग्राहियों को काफी राहत मिलेगी।
नगर निगम के पास उपलब्ध रिकार्ड के अनुसार राजधानी रायपुर में कुल 2 लाख 71 हजार 690 लोगों से निगम प्रापर्टी टैक्स वसूल करती है। वर्तमान में 1 लाख 98 हजार 184 लोगों ने टैक्स अदा किया है। वर्तमान में कुल 73 हजार 506 लोगों ने अभी तक टैक्स जमा नहीं किया है।
निगम ने इस साल बड़े बकायेदारों की सूची तैयार की है, उसमें व्यवसायिक संस्थान यानी कांप्लेक्स के अलावा सरकारी संस्थाएं, दुकानें, फैक्ट्रियां, बड़े शो-रूम भी शामिल हैं जो 5-5 साल से टैक्स का भुगतान नहीं कर रहे है। ऐसे बकायेदारों के कारण ही निगम की माली हालत खराब है।
निगम आयुक्त और तत्कालीन महापौर ने बकाया टैक्स वसूलने के लिए इनकी संपत्ति कुर्क करने के आदेश जारी किया था, इससे बकायेदारों में हड़कंप भी मचा था। लेकिन उसके बाद भी बकायेदारों ने टैक्स जमा नहीं किया है। निगम सीमा के अंतर्गत 17 हजार से अधिक ऐसे प्लाट हैं जिसकी 2015 के पहले रजिस्ट्री हुई है।
उनका मालिक कौन हैं? कितने साल पहले इसकी रजिस्ट्री हुई थी? कितने सालों से प्लाट खाली पड़ा है? निगम के पास इसका कोई रिकार्ड ही नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि 2015 के पहले रजिस्ट्री के दस्तावेजों में मोबाइल नंबर दर्ज नहीं होता था।