तात्यापारा सड़क में पिछले 19 साल से एक लाख से ज्यादा लोग रोज जाम में फंसकर परेशान हो रहे हैं। राज्य और शहरी सरकार के अफसरों की लापरवाही की वजह से 2006 में बनी योजना 2025 में भी पूरी नहीं हो पाई है। अभी भी चौड़ीकरण का काम तुरंत शुरू नहीं हो सकेगा। निगम की नई सरकार ने फाइल खोल दी है, लेकिन चौड़ीकरण के लिए नए सिरे से बजट मंजूर करवाना होगा।
उसके पहले इसका प्रस्ताव एमआईसी में पास करवाने की प्रक्रिया करनी होगी। शासन से बजट मंजूर होने के बाद ही मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उसे बाद तोड़फोड़ होगी। इस प्रक्रिया में समय लग सकता है। पिछली पिछली सरकार ने 137 करोड़ स्वीकृत किए लेकिन पैसे नहीं दिए।
सरकार से फंड मिले बिना ही तत्कालीन महापौर एजाज ढेबर ने चौड़ीकरण के काम का भूमिपूजन कर दिया था। इसलिए भूमिपूजन के बाद भी काम शुरू नहीं हुआ। इस मुद्दे को लेकर भाजपा पार्षदों ने उसी समय विरोध किया था। महापौर मीनल चौबे ने जब सड़क चौड़ीकरण की फाइल खुलवाने के साथ अफसरों से इस पर अमल करने के निर्देश दिए हैं। महापौर का कहना है कि वे जल्द बजट की मांग को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात करेंगी।
बजट 29 करोड़ से बढ़कर 137 करोड़ हुआ, पैसे का इंतजार
चौड़ीकरण के बाद सड़क की चौड़ाई 14.30 से बढ़ाकर 24.80 मीटर करनी है। अभी इस सड़क के दोनों ओर 88 दुकानें और मकान हैं। प्रशासन की ओर से सभी दुकानों-मकानों के नापजोख का भी काम पूरा कर लिया गया। राज्य सरकार ने सड़क चौड़ीकरण के लिए 137 करोड़ के प्रोजेक्ट को मंजूर भी कर लिया, लेकिन काम शुरू करने निगम को एक रुपया तक नहीं मिला। पहले बजट 29 करोड़ का था।
जाम के चलते एक लाख से ज्यादा लोग रोज हो रहे परेशान
शारदा चौक से तात्यापारा तक जितनी सड़क का चौड़ीकरण होना है वो कई बायपास सड़कों को भी जोड़ती है। इस सड़क पर सबसे ज्यादा जाम सुबह 11 से दोपहर 1 बजे और शाम को 6 से रात 8 बजे तक लगता है। इस दौरान इस सड़क पर गाड़ियां रेंगती हैं। शारदा चौक से तात्यापारा का सफर एक मिनट का भी नहीं है, लेकिन लोगों को 10-10 मिनट तक लग जाते हैं।
पिछले 19 साल में चौड़ीकरण पर कब क्या हुआ ?
सबसे पहले 2005-06 में सड़क चौड़ीकरण की योजना बनाई गई।
चौड़ीकरण का काम दो चरण में पूरा करने का फैसला लिया गया।
पहले आमापारा से तात्यापारा फिर तात्यापारा से शारदा चौक तक।
उस समय सड़क चौड़ीकरण की कुल लागत 29 करोड़ आंकी गई।
चौड़ीकरण से सड़क की चौड़ाई 14.30 से बढ़कर 24.80 मीटर होती।
2006-07 में तात्यापारा से आमापारा चौक तक काम पूरा हुआ।
लोगों को करीब 25 करोड़ मुआवजा बांटा गया।
2019-20 में फिर योजना बनीं, 2023 में सर्वे का काम पूरा हुआ।
2024 में 137 करोड़ मुआवजा बांटने पर सहमति बनी, फंड नहीं मिला।