
महामहिम राज्यपाल को सौपा ज्ञापन
पूरन मेश्राम।
मैनपुर – गोंडवाना गणतंत्र पार्टी गरियाबंद के जिला अध्यक्ष टीकम सिंह नागवंशी ने शासन द्वारा वन अधिकार पट्टा वाले जमीन का एग्रीस्टेक पोर्टल में रजिस्ट्रेशन नही किये जाने को लेकर एक ज्ञापन सौपा है इस दौरान ज्ञापन सौपते गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के जिला अध्यक्ष टिकम सिंह नागवंशी ने बताया कि गरियाबंद जिला के तहसील गरियाबंद, छुरा, फिंगेश्वर, मैनपुर, देवभोग अंतर्गत निवासरत् सैकडो़ लोगों को वन अधिकार पट्टा जमीन का हक अधिकार मिला है। जिससे उनका जीवनयापन हो रहा है। वर्तमान में कृषकों के लिए सरकार द्वारा राजस्व भू-स्वामियों का एग्रीस्टेक पोर्टल में रजिस्ट्रेशन कराया जा रहा है किन्तू शासन द्वारा जारी वन अधिकार पट्टों के लिए यह व्यवस्था लागू नहीं हो पाया है। वन अधिकार पट्टा कृषकों को शासन द्वारा बैंक के माध्यम से लोन, समितियों द्वारा खाद-बीज, धान खरीदी एवं अन्य शासकीय प्रयोजनों से वन अधिकार पट्टाधारी कृषकों को लाभ दिया जा रहा है। जिससे भविष्य में अगर एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन न होने की स्थिति में उक्त शासकीय लाभों से वंचित होने का भय कृषकों के मध्य व्याप्त है। जिसे शासन को संज्ञान में लेकर ठोस कार्यवाही किया जाना उचित होगा। उन्होंने आगे मांग किया है कि शासन द्वारा वन अधिकार भूमि एवं राजस्व भूमि में भेदभाव करके जिले के मूल निवासी आदिवासी अनुसुचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य परम्परागत वन निवासियों के हक अधिकार उनके जीवन यापन के मुख्य स्त्रोत व वर्षों से काबिज भूमि की हक अधिकार को शासकीय लाभ से वंचित करने की असफल प्रयास किया जा रहा है। जिससे हम आदिवासी शासन की इस नीति से क्षुब्ध व आक्रोशित है विडम्बना देखो एक तरफ देश के सर्वोच्च प्रथम नागरिक महामहिम राष्ट्रपति महोदया श्रीमती द्रोपती मूर्मू जी द्वारा वन अधिकर पट्टाधारी कृषकों को 90 प्रतिशत अनुदान पर कृषि उपकरण देने का प्रस्ताव किया गया है। दूसरी तरफ राज्य शासन द्वारा वन अधिकार पट्टा काबिज कृषकों को एपीस्टेक पोर्टल में पंजीयन न करवाकर वन अधिकार पट्टा की मान्यता खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। गरियाबंद जिला में शासन की दोहरी नीति व कृषकों के बीच भूमि स्वामी में अंतर दिखाकर शासन द्वारा वन अधिकार पट्टा कृषकों को इस व्यवस्था से दूर करना हमारे कृषक भाईयों व हम सभी के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है अतः शासन प्रशासन कृषक हितैषी निर्णय लेते हुए अन्नदाता कृषकों की रक्षा एवं विकास हेतु यथाशीघ्र वन अधिकार पट्टाधारी कृषकों का एग्रीस्टेक पोर्टल में रजिस्ट्रेशन कार्य करवाया जाए