
कॉलर ने रामेश्वर को वॉट्सऐप के जरिए रामेश्वर प्रसाद को एक लिंक भेजा। लिंक के जरिए रामेश्वर के मोबाइल पर एप को इंस्टॉल करने के लिए कहा। रामेश्वर ने पुलिस को बताया कि उसने जैसे लिंक का जैसे ही टच किया, वैसे ही उसके मोबाइल पर मैसेज आने लगा। तीन किस्तों में रामेश्वर के क्रेडिट कार्ड से एक लाख 60 हजार 994 रुपए की निकासी हुई।
यह देखकर रामेश्वर घबरा गया और उसने क्रेडिट कार्ड को जारी करने वाले बैंक आईसीआईसीआई के कस्टमर केयर में फोन किया। वहां से क्रेडिट कार्ड को ब्लॉक कराया। रामेश्वर ने साइबर सेल के नंबर 1930 पर भी संपर्क किया। क्रेडिट कार्ड से संबंधित जरूरी सूचना को साझा किया। इसके बाद रामेश्वर आईसीआईसीआई बैंक पहुंचा और उसने क्रेडिट कार्ड से हुई ठगी की जानकारी दी। इसके बाद रामेश्वर घर लौट गया।कार्डधारी ने बैंक प्रबंधन पर लगाया लापरवाही का आरोप,
अगले दिन रामेश्वर के मोबाइल पर क्रेडिट कार्ड से हुई खरीदी का बिल आया। इसमें रामेश्वर के क्रेडिट कार्ड से अलग-अलग किस्तों में तीन लाख 81 हजार 988 रुपए का जिक्र किया गया था। यह देखकर रामेश्वर घबरा गया और वह फिर दोबारा ICICI बैंक के शाखा पहुंचा। रामेश्वर का आरोप है कि जब उसने बैंक के शाखा को क्रेडिट कार्ड से हुई ठगी की जानकारी हुई तब बैंक के स्थानीय प्रबंधन ने किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की, बल्कि अभद्र व्यवहार करते हुए रामेश्वर को घर लौटा दिया गया।
रामेश्वर ने पुलिस को बताया कि उसने अपने मोबाइल पर आने वाले किसी भी ओटीपी को ठगों के साथ साझा नहीं किया और ना ही उसने क्रेडिट कार्ड से किसी तरह का लेनेदन किया है। इसके बाद भी उसके नाम पर बिल जारी किया गया है। रामेश्वर ने इस घटना की शिकायत दर्री थाने में दर्ज कराया है। उसने धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। ठगी करने वाले गिरोह की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही गिरोह के बारे में साइबर सेल के मदद से जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही गिरोह को पकड़ लिया जाएगा।