कोरबा में हसदेव नदी पुल से छलांग लगाने वाले आरक्षक का शव दो दिन बाद मिला है। गोताखोरों की टीम दो दिनों से उसकी तलाश कर रही थी। मोरगा चौकी पुलिस ने शव को बाहर निकालकर कार्रवाई शुरू की। यह मामला मोरगा चौकी क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक, आरक्षक ने शनिवार को हसदेव नदी के पुल पर अपनी बाइक (सीजी 14 एमएक्स 1898) खड़ी की और करीब 25 फीट नीचे नदी में छलांग लगा दी थी। उनकी बाइक पर मोबाइल, पर्स, पुलिस का आई-कार्ड और आधार कार्ड मिला था। इसके बाद से ही उनकी तलाश की जा रही थी।
मृतक की पहचान 31 वर्षीय सुनील बेक के रूप में हुई है। वह सरगुजा जिले के प्रेमनगर थाना क्षेत्र की तारापुर चौकी में आरक्षक के पद पर तैनात थे। घटना के बाद जिला प्रशासन और नगर सेना की रेस्क्यू टीम नदी में उनकी तलाश कर रही थी।
शव मिलने के बाद मोरगा चौकी पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया और उसे परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने पुलिस को दिए बयान में सुनील के साथ किसी अनहोनी की आशंका जताई है।
उनका कहना है कि उनके साथ कोई घटना हुई होगी, जिसके कारण उनकी मौत हुई। पुलिस इस पहलू से भी मामले की जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि सुनील शादीशुदा थे। उनके परिवार में पत्नी और बच्चे हैं। परिवार की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर थी। उन्होंने किन परिस्थितियों में नदी में छलांग लगाई, फिलहाल इसका पता नहीं चल पाया है।
मोरगा चौकी पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस बाइक, मोबाइल और मौके पर मिले दूसरे दस्तावेजों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।