
वहीं, बस्तर जिले में संभावित बारिश और बाढ़ के खतरे को देखते हुए राहत एवं बचाव की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। संवेदनशील गांवों में मुनादी कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है, जबकि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और नगर सेना की टीमों को आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया है।
बच्चों की सुरक्षा के लिए छुट्टी घोषित
दंतेवाड़ा कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देश पर बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिले में एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है। जिला प्रशासन के अनुसार, आज 27 अक्टूबर को सभी शासकीय और अशासकीय प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में विद्यार्थियों की छुट्टी रहेगी। यह आदेश आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी लागू होगा।
हालांकि, स्कूलों में घोषित अवकाश केवल विद्यार्थियों के लिए है। शिक्षकों को इस आदेश से छूट नहीं दी गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने आंगनबाड़ी केंद्रों में रखी खाद्य सामग्री, शासकीय अभिलेखों और अन्य जरूरी सामान को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को बच्चों के पालकों तक अवकाश की सूचना पहुंचाने के लिए भी कहा गया है।
बस्तर में बाढ़ का खतरा, 18 से अधिक राहत शिविर तैयार
मौसम विभाग की ओर से 27 से 29 अक्टूबर के दौरान उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में भीषण चक्रवाती तूफान के लैंडफॉल की चेतावनी के बाद बस्तर जिला प्रशासन ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर आकाश छिकारा के निर्देश में संभावित बाढ़ और जलभराव से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन की व्यवस्था की गई है।