
नई दिल्ली। कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बाद तीसरी लहर का खतरा अब सच होता हुआ दिख रहा है। गुरुवार को देशभर में कोरोना के 41,195 मामले दर्ज किए गए। जिसके बाद देश में कुल कोरोना मामलों की संख्या 32,077,706 पहुंच गई। वहीं पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस 490 लोगों की मौत हो गई। जिसके बाद देश में कोरोना से मरने वालों की संख्या अब 429,669 हो गई है। धीरे-धीरे बढ़ रही केसों की संख्या ने तीसरी लहर का डर पैदा कर दिया है। विशेषज्ञ लगातार कोरोना की तीसरी लहर को लेकर चेतावनी देते आ रहे हैं। विशेषज्ञों ने कहा है कि तीसरी लहर का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर देखने को मिलेगा। इसलिए यह सतर्क होने का समय है। कोरोना मामलों की संख्या का 40 हजार के पार जाना खतरे की घंटी है।
कल के मुकाबले आज कोरोना मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है, बुधवार को देशभर में 38,353 मामले सामने आए थे। इसके अलावा देशभर में सक्रिय मामलों की संख्या घटकर 387,987 हो गई है, ये मामले कुल मामलों का 1.21% प्रतिशत है। हालांकि देश का रिकवरी रेट अब भी 97.45% बना हुआ है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों से भी पता चला है कि गुरुवार तक 31,260,050 लोग ठीक हो चुके हैं।
इन सब के बीच में अच्छी खबर यह है कि भारत में टीकाकरण का काम लगातार तेजी से चल रहा है और अब तक 523,253,450 लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। हालांकि विशेषज्ञों ने भविष्यवाणी की है कि अगस्त के अंत तक देश में संभावित तीसरी लहर आ सकती है। मामलों में हालिया उछाल ज्यादातर कोविड -19, डेल्टा संस्करण के हाइलाइट ट्रांसमिसिबल म्यूटेशन के कारण हुआ है।
देश के कई राज्यों में कोरोना से हालात बेकाबू होते दिख रह हैं। केरल में हर रोज हजारों की संख्या में आ रहे मामले और बेंगलुरु में 242 बच्चों की कोरोना पॉजिटिव पाया जाना, ये सभी तीसरी लहर के आने के संकेत हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ऐसे समय में कोरोना उपयुक्त व्यवहार का पालन करें और जरूरत के समय ही घर से बाहर निकलें।