
गरियाबंद। जिले में कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता जेल संदर्शक के रूप में दूसरे पार्टी के कार्यकर्ता की नियुक्ति को लेकर अच्छे खासे नाराज है।वंही उन्होंने कहा कि बच्चा जेल में और उसी जेल में मा को संदर्शक बनाया गया है ,जो सन्देह के दायरे में है । काँग्रेशियो का यंहा तक आरोप है कि जब सत्ता में बीजेपी थी तो हम लोगो ने सँघर्ष किया दरी उठाएं जेल गए आंदोलन किया किन्तु सत्ता में आते ही रायपुर के नेताओ द्वारा ऐसे लोगो को पार्टी से पद दिया जा रहा है जो पार्टी में दूर दूर तक कभी नजर नही आये। पार्टी कार्यकर्ता यहा तक आरोप लगा रहे है कि जमीनी कार्यकर्ताओ की अनदेखी की जा रही है जिसका खामियाजा कंही न कंही कांग्रेस को आने वाले समय में उठाना पड़ सकता है ।
जिले के बाल कल्याण समिति में भी भाजपा के नेता की नियुक्ति को लेकर भी बवाल मचा हुआ था । जिसमे सारी की सारी नियुक्तिया ही रदद् कर दी गई है । जिले के प्रभारी मंत्री ताम्रध्वज साहू के सामने भी कार्यकर्ताओ का घुस्सा फुटा जिले के कार्यकर्ताओ ने विश्रामगृह में मंत्री के सामने जम कर खरी खोटी सुनाई वही आवेदन देकर भी हटाये जाने की मांग की गई । उल्लेखनीय है कि जिले में कुछ दिनों पूर्व मालगांव के रन एंड हिट की धटना में एक मासूम की मौत सहित 11 लोग घायल हो गए थे जिसमें आरोपी के रूप में जेल 4 मुख्य लोगो को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया था इन्ही 4 लोगो मे संदर्शक के रूप में मनोनीत किये गए महिला का पुत्र भी शामिल है।लोगो मे इस बात की चर्चा भी व्याप्त है कि सैवेधानिक रुप से भी यह मनोनयन गलत है। कांग्रेस के लोग आखिर अपना रंग दिखाना शुरू कर दिए है। अपने राजनीतिक आकाओ के जरिये किसी भी तरह से जेल में अपना दबदबा बनाने का प्रयास प्रारम्भ हो गया है। इस कृत्य के जरिये जेल में आरोपियों के सेवा सत्कार होती रहेगी ।
इस सम्बंध में जिले के कांग्रेस अध्यक्ष भावसिंग साहू से बात करने पर उन्होंने कहा कि जिले ने कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का मनोबल ऐसे कार्यो से टूटेगा। आज कार्यकर्ताओं का कहना लाजमी था,पार्टी को छोड़कर दूसरे पार्टी के कार्यकताओ का मनोनयन किये जाने से नाराजगी तो स्वाभविक है । मैंने मंत्री जी को कार्यकर्ताओ की भावनाओ से अवगत करा दिया है ।
जिले के प्रभारी मंत्री ताम्रध्वज साहू ने इस मुद्दे पर कहा कि 88 लोगो का मनोनयन किया गया था । जरूरी नही की सभी सही हो 8 ,10 नियुक्ति गलत हो जाती है मानवीय भूल है सुधार दि जाएगी ।समीक्षा कर उन्हें रद्द भी किया जा सकता है ।