दोपहिया-चौपहिया वाहन लेकर कॉलेज-यूनिवर्सिटी जाने वालों को अपनी गाड़ियों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रीकरण चिन्ह प्लेट(HSRP) लगाना अनिवार्य होगा। इसके बिना संस्थान में प्रवेश करने पर रोक लगाने की तैयारी है।
परिवहन विभाग ने प्रदेश के सभी शैक्षणिक संस्थानों के प्राचार्य और डॉयरेक्टरों को पत्र लिखकर बिना एचएसआरपी वाले वाहन चालकों के संस्थान में प्रवेश पर रोक लगाने कहा है। इसके साथ ही बिना हेलमेट के दोपहिया वालों का भी संस्थान में प्रवेश वर्जित करने कहा गया है। एचएसआरपी अनिवार्य
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक राज्य में 1 अप्रैल 2019 से पहले के सभी रजिस्टर्ड सभी वाहनों में एचएसआरपी लगाना अनिवार्य है। शैक्षणिक संस्थानों में भी बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, कर्मचारी दोपहिया-चौपहिया लेकर आते हैं। इसलिए परिवहन आयुक्त कार्यालय ने मंगलवार को प्रदेश भर के सभी शैक्षणिक संस्थानों को पत्र लिखकर एचएसआरपी लगवाने के लिए ठोस कदम उठाने कहा है।
इसके तहत जिन वाहनों में एचएसआरपी नहीं है, उन्हें कॉलेज-यूनिवर्सिटी में प्रवेश में न देने कहा है। परिवहन विभाग ने शैक्षणिक संस्थानों के अलावा उद्योग विभाग को भी पत्र लिखा है और उद्योगिक इकाइयों में कार्यरत कर्मचारियों के वाहनों में एचएसआरपी लगाना सुनिश्चित करने कहा है।कलेक्ट्रेट में हुआ शुरू
रायपुर कलेक्ट्रेट के कर्मचारियों व अन्य के वाहनों में एचएसआरपी लगना शुरू हो गया है। इसके लिए कलेक्टर जनदर्शन वाले हॉल में ही आवेदन लिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों सभी कर्मचारियों को अपने वाहनों में एचएसआरपी लगाना अनिवार्य किया गया है।
इसके बिना कलेक्ट्रेट में प्रवेश पर सख्ती की जा रही है। दोपहिया वाहनों में एचएसआरपी लगाने का शुल्क 365.80, थ्री व्हीलर वाहनों में 427.16, लाइट मोटर व्हीकल, पैसेजेंर कार में 656.08 और कमर्शियल व हेवी व्हीकल के लिए 705.64 रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है।
कॉलेज जाने वाले युवाओं की भी बड़ी आबादीडी रविशंकर, अपर परिवहन आयुक्त, छत्तीसगढ़: सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार संबंधित वाहनों में एचएसआरपी लगाना अनिवार्य है। शैक्षणिक संस्थानों सहित कई विभागों को एचएसआरपी लगवाने का निर्देश दिया गया है। कॉलेज जाने वाले युवाओं की भी बड़ी आबादी है, जो दोपहिया वाहनों का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए शैक्षणिक संस्थानों से विशेष पहल करने कहा गया है। निर्धारित अवधि में एचएसआरपी नहीं लगवाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।