
राजधानी नगर निगम चुनाव के पहले आनन-फानन में 20 करोड़ से ज्यादा के सिविल वर्क कराए गए। इसमें खासतौर पर वार्डों के अंदर की गलियों, सड़कों और नालियों को बनाया गया। लेकिन करीब छह महीने बाद ही इन्हें फिर से तोड़ा जा रहा है। राजधानी नगर निगम चुनाव के पहले आनन-फानन में 20 करोड़ से ज्यादा के सिविल वर्क कराए गए। इसमें खासतौर पर वार्डों के अंदर की गलियों, सड़कों और नालियों को बनाया गया। लेकिन करीब छह महीने बाद ही इन्हें फिर से तोड़ा जा रहा है।वैध-अवैध नलों के लिए खुदाई
गर्मी शुरू होते ही कई वार्डों में पानी की किल्लत शुरू हो जाती है। ऐसे में अभी अधिकतर जगहों पर लोगों के घरों में वैध-अवैध नल लगाए जा रहे हैं। ये सारे काम पार्षदों की सहमति से ही हो रहे हैं। पहली बार चुनाव जीतकर आए हैं उनके घरों में जाकर लोग पानी की समस्या बता रहे हैं। इस वजह से पार्षद भी निगम ठेकेदारों से कहकर उनके घरों में नल लगवाने के साथ ही बस्तियों में बोर करवा रहे हैं। उनका कहना है कि पानी की समस्या बड़ी होती है ऐसे में लोगों को राहत दिलाने वाले काम तो कराने ही होंगे।
यह सही है कि इस बार बड़ी संख्या में नए चेहरे चुनाव जीते हैं। पुराने कार्यकाल में जो गलत निर्माण हुए होंगे उसे ही सही करा रहे होंगे। अफसरों से कहा जाएगा कि जहां जरूरत हो वहीं निर्माण हो। बेवजह तोड़फोड़ और खुदाई न की जाए।