छत्तीसगढ़ में फिर बढ़ा खतरा. राजधानी में कोरोना का दूसरा मरीज मिला है। लालपुर स्थित एक निजी अस्पताल में मरीज भर्ती है, जिन्हें कोरोना के साथ स्क्रब टाइफस बीमारी है। स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने शनिवार को वीसी के माध्यम से बैठक कर इलाज की व्यवस्था से लेकर मैनेजमेंट की समीक्षा की। दावा किया गया कि अस्पतालों में पर्याप्त बेड, ऑक्सीजन, दवाइयां और मैन पॉवर उपलब्ध है।आंबेडकर अस्पताल में अलग ओपीडी की व्यवस्था
दूसरी ओर संदिग्ध मरीजों की जांच के लिए आंबेडकर अस्पताल में अलग ओपीडी की व्यवस्था की गई है ताकि दूसरे मरीजों पर संक्रमण न फैले। निजी अस्पताल में भर्ती मरीज 41 वर्षीय कारोबारी है। 5 दिनों से बुखार आ रहा है और दो दिन से सांस लेने में तकलीफ है। शरीर में कमजोरी की शिकायत पर वह भर्ती हुआ था। उनका इलाज आइसोलेशन वार्ड में किया जा रहा है। अस्पताल ने बुलेटिन जारी कर इसकी सूचना भी दी है। मरीज खतरे से बाहर है।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि स्क्रब टाइफस बीमारी के कारण मरीज की समस्या बढ़ सकती है। आंबेडकर समेत दूसरे अस्पतालों में आइसोलेशन क्षेत्र की पहचान के लिए साइन बोर्ड लगाए जा रहे हैं। अस्पताल में स्क्रीनिंग, टेस्टिंग और ट्रीटमेंट की पूरी व्यवस्था पहले से है।अलग से एंट्री गेट, जूनियर डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई
जायसवाल की बैठक में स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, हैल्थ कमिश्नर डॉ. प्रियंका शुक्ला ने जिला सर्वेलेन्स अधिकारियों से बातचीत कर इलाज के लिए जरूरी व्यवस्था करने को कहा। आंबेडकर अस्पताल में संदिग्ध मरीजों की एंट्री के लिए अलग से गेट बनाया गया है। आइसोलेशन वार्ड भी बनाया गया है, जहां जूनियर डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है।
बैठक में बताया गया कि भारत सरकार के डायरेक्टर जनरल हैल्थ सर्विसेस के अनुसार देश में कोरोना पूरी तरह नियंत्रण में है। अस्पतालों में आने वाले ऐसे मरीज जिन्हें सर्दी, खांसी, बुखार अथवा गले में खराश हो की समुचित देखभाल की जाए। एसएआरआई (सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इंफेक्शन) मरीजों को डॉक्टरों की सलाह पर भर्ती की जाए।