छत्तीसगढ़ के पीसीसी चीफ दीपक बैज ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और आदिवासी नेता अरविंद नेताम, मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप को मानहानि का नोटिस भेजा

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के पीसीसी चीफ दीपक बैज ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और आदिवासी नेता अरविंद नेताम, मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप को मानहानि का नोटिस भेजा है। सभी से 15 दिनों के अंदर उनके वकील ने नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि, उनके राजनीतिक भविष्य की हत्या करने की कोशिश की गई है।

दरअसल, नागपुर के आरएसएस के कार्यक्रम से लौटने के बाद अरविंद नेताम ने कहा था कि, दीपक बैज से मैं यही बात जानना चाहता हूं, कहीं वो कन्वर्ट तो नहीं हुए हैं ? ईसाई धर्म में वे मतांतरण तो नहीं हुए हैं ? धर्मांतरण के बारे में कांग्रेस की क्या नीति है, उन्हें साफ करना चाहिए ?

मानहानि नोटिस में क्या लिखा है ?

दीपक बैज के वकील ने नोटिस में बताया है कि, उनके मुवक्किल दीपक बैज आदिवासी समाज से जुड़े हैं। वे अपने आराध्य भगवान बूढ़ादेव, महादेव, मां दंतेश्वरी देवी समेत सभी देवी देवताओं की पूजा करते हैं। उन पर गहरी आस्था रखते हैं।

लेकिन प्रेसवार्ता में अरविंद नेताम के दिए गए झूठे भ्रामक और मनगढ़ंत बयानों से दीपक बैज के सामाजिक प्रभाव और सम्मान पर गहरा असर पड़ा है। उनकी छवि धूमिल हुई और मानसिक रूप से आहत हुए हैं। पूरे प्रदेश में अनकी प्रतिष्ठा मान मर्यादा खराब हुई है।

जानबूझ कर झूठे आरोप लगाते हुए मेरे पक्षकार के राजनीतिक भविष्य की हत्या करने की कोशिश की गई है। जिस कारण मेरे पक्षकार के सामाजिक प्रतिष्ठा की हानि हुई है। जिसके लिए एक मात्र आप जिम्मेदार है।

अत्यंत असम्मानित महसूस कर रहे

नोटिस में लिखा ह कि आपने राजनीतिक उ‌द्देश्यों की पूर्ति के लिए मेरे पक्षकार के मान सम्मान और प्रतिष्ठा को आहत किया है। मेरे पक्षकार को सामाजिक रूप से रिश्ते-नातेदार उनसे जुड़े लोग, हर वर्ग और हर उम्र के लोगों में उनकी छवि धूमिल हुई है। जिससे वो असम्मानित महसूस कर रहे हैं। उनकी धार्मिक भावना आहत हुई है।

यह कृत्य भारतीय न्याय संहिता की धारा 353 और 356 के तहत अपराध की श्रेणी में आता है। इसलिए क्यों न आपके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 353 और 356 और मानहानि का मुकदमा कोर्ट में चलाया जाए। इसका जवाब आप मेरे पते पर खुद या अपने वकील के माध्यम से 15 दिन के भीतर पेश करे।