छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में बिजली उपभोक्ता लगातार कटौती से परेशान हैं। हल्की हवा चलते ही बिजली गुल हो जाती है। राजनांदगांव विद्युत मंडल के अधिकारी इसके लिए कर्मचारियों की कमी और रखरखाव में लापरवाही को मान रहे हैं है।
बिजली विभाग के पास जितने पद स्वीकृत हैं, उनमें से कई खाली हैं। उदाहरण के लिए, जूनियर इंजीनियर के 921 पदों में से केवल 417 लोग ही काम कर रहे हैं। यानी 500 से ज्यादा पद खाली हैं। इसी तरह लाइनमैन और असिस्टेंट इंजीनियर के भी कई पद खाली हैं। इसके कारण पूरे जिले में बिजली सुधार का काम धीमा हो गया है।
एक और बड़ी वजह यह है कि अधिकारी और कर्मचारी ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने से बचते हैं। उन्हें शहरों में ज्यादा सुविधाएं और 20% हाउस रेंट भत्ता मिलता है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह भत्ता केवल 10% है। इस असमानता की वजह से ज्यादातर कर्मचारी शहरों में रहना पसंद करते हैं और गांवों में काम करने से बचते हैं।
राजनांदगांव विद्युत मंडल के कार्यपालन निदेशक शिरीष सेलट ने बताया कि कर्मचारियों की कमी के कारण दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन विभाग पूरी कोशिश कर रहा है कि बिजली सप्लाई बनी रहे। उन्होंने कहा कि इस समस्या की जानकारी सरकार को भी दी गई है ताकि जल्द हल निकाला जा सके।