छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में रिटायर्ड महिला प्रोफेसर को साइबर ठगों ने 7 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट कर लिया

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के बिलासपुर में रिटायर्ड महिला प्रोफेसर को साइबर ठगों ने 7 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट कर लिया। इस दौरान उन्हें मनोवैज्ञानिक तरीके से दबाव डाला और टेरर फंडिंग का डर दिखाकर घर से निकलने नहीं दिया। साथ ही सुप्रीम कोर्ट और ईडी के फर्जी नोटिस भेजकर महिला से 1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रुपए चार अलग-अलग बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद भी ठगों का मन नहीं भरा और उन्होंने रिटायर्ड प्रोफेसर से 50 लाख की डिमांड की।

 

इसके अलावा उन्होंने बेटे और पोते को जेल भेजने की धमकी भी दी। इसके बाद उन्होंने मुंबई में रहने वाले अपने बेटे को कॉल कर 50 लाख रुपए की मांग की और कहा कि पैसे भेज नहीं तो मैं जेल चली जाउंगी। तब जाकर ठगी की वारदात का खुलासा हुआ।

 

फिलहाल पुलिस रेंज साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है।

 

वाट्सएप पर आया था वीडियो कॉल

 

दरअसल के रियल हेवन निवासी प्रो. रमन श्रीवास्तव (82) रिटायर्ड प्रोफेस हैं। वे डीपी कॉलेज में पदस्थ थीं, उनका बेटा प्रशांत श्रीवास्तव मुंबई में एचआर कंसलटेंसी में डायरेक्टर हैं। 20 अप्रैल को उनके वाट्सएप पर अनजान नंबर से वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को संजय PSI बताया।

 

वीडियो कॉल पर दो घंटे तक किया डिजिटल अरेस्ट

 

पहले उसने रिटायर्ड प्रोफेसर को धमकाया और कहा कि वह एक प्रतिबंधित संगठन (पीएफआई, पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) को टेरर फंडिंग कर रही हैं। रिटायर्ड प्रोफेसर को कुछ समझ नहीं आया। वह डरी-सहमी रही। इस दौरान वीडियो कॉल पर ही 2 घंटे से ज्यादा समय तक उन्हें डिजिटल अरेस्ट रखा।