कांकेर जिले के कई स्कूल की हालत जर्जर स्थिति में है। शहर से 2 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम गढ़पिछवाड़ी की प्राथमिक शाला में अधूरी छत और बाहर निकली लोहे की छड़ों से बच्चों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गया है।
सरकार ने 2023-24 में जर्जर स्कूल भवन की मरम्मत के लिए 5 लाख रुपए मंजूर किए थे। शिक्षा विभाग ने यह काम पंचायत को सौंपा। ठेकेदार ने छत को अधूरा तोड़कर 2.50 लाख रुपए का भुगतान ले लिया। इसके बाद से भवन की स्थिति जैसी की तैसी बनी हुई है।
दरार से बारिश का पानी रिस रहा
शिक्षक बच्चों को जर्जर भवन में जाने से रोकते हैं, लेकिन वे छिपकर जा सकते हैं। पुराने भवन की छत तोड़ते समय ठेकेदार की लापरवाही से नए भवन को भी नुकसान पहुंचा है। नए भवन में दरारें आ गई हैं और बारिश में पानी रिस रहा है।
काम पूरा करवाने चक्कर लगा रहे जनप्रतिनिधि
वर्तमान सरपंच के पति तरेंद्र भंडारी के मुताबिक, पूर्व सरपंच गोविंद दर्रो और उनके साथी ठेकेदार ने सिर्फ एक कमरे की छत अधूरी तोड़ी है। महज 5 प्रतिशत काम करके आधी राशि निकाल ली गई है। इस कारण अब कोई अन्य ठेकेदार यह काम करने को तैयार नहीं है।
प्रशासनिक टीम को लगातार शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीण और जनप्रतिनिधि काम पूरा करवाने के लिए चक्कर लगा रहे हैं।