अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने छत्तीसगढ़ में 41 जिलाध्यक्षों की लिस्ट जारी कर दी

Chhattisgarh Crimes Chhattisgarh CrimesChhattisgarh Crimes अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने छत्तीसगढ़ में 41 जिलाध्यक्षों की लिस्ट जारी कर दी है। रायपुर सिटी से श्रीकुमार शंकर मेनन, रायपुर ग्रामीण से राजेंद्र पप्पू बंजारे, बिलासपुर शहर से सिद्धांशु मिश्रा और बिलासपुर ग्रामीण से महेंद्र गंगोत्री को जिला अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं सुकमा में पूर्व मंत्री कवासी लखमा के बेटे हरीश लखमा को कमान सौंपी गई है।

कुल 41 जिलाध्यक्षों में 5 महिलाओं को जगह मिली है। इनमें सुमित्रा धृतलहरे (बलौदाबाजार), तारिणी चंद्राकर (धमतरी), गजमती भानु (गौरेला-पेंड्रा-मरवाही), रश्मि गभेल (सक्ती) और शशि सिंह (सूरजपुर) शामिल हैं। महिलाओं की यह हिस्सेदारी कुल जिलाध्यक्षों की लगभग 12.2% है।

महासमुंद में द्वारिकाधीश यादव, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में अशोक श्रीवास्तव और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में सुरजीत सिंह ठाकुर को अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं रायगढ़ शहर में शाखा यादव और रायगढ़ ग्रामीण में नागेंद्र नेगी को कमान दी गई है।

बालोद में चंद्रेश कुमार हिरवानी, बलरामपुर में हरिहर प्रसाद यादव और बस्तर ग्रामीण के लिए प्रेम शंकर शुक्ला को जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। दंतेवाड़ा में सलीम राजा उस्मान, दुर्ग शहर में धीरज बाकलीवाल, कोंडागांव में रवि घोष और कोरबा शहर में मुकेश कुमार राठौर को जिम्मेदारी मिली है।

दिल्ली में हुई बैठक के बाद अंतिम निर्णय

कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान को लेकर 23 अक्टूबर को दिल्ली में एक अहम बैठक आयोजित की गई। इसमें AICC महासचिव केसी. वेणुगोपाल, सचिन पायलट, भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव, चरणदास महंत और प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

पहले चरण में भूपेश बघेल और टीएस. सिंहदेव से वन-टू-वन चर्चा हुई थी। दूसरे चरण में प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत से बातचीत हुई थी। इन बैठकों के बाद राहुल गांधी की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष नियुक्ति पर अंतिम निर्णय लिया गया है।

नई टीम का दिल्ली में होगी ट्रेनिंग

कांग्रेस जिलाध्यक्षों की नियुक्ति करने के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस के सीनियर लीडर्स उनकी ट्रेनिंग दिल्ली में भी करवाएंगे। दिल्ली मुख्यालय जाकर नए जिलाध्यक्ष पार्टी की वर्किंग पैटर्न को सीखेंगे। यहां पर वे राहुल गांधी से भी मुलाकात करेंगे।

परफॉर्मेंस बेस्ड सिस्टम लागू

कांग्रेस इस बार पुराने ढर्रे से हटकर संगठन को “परफॉर्मेंस बेस्ड स्ट्रक्चर” में बदलने की दिशा में काम कर रही है। हर 6 महीने बाद जिला इकाइयों की समीक्षा होगी। जो पदाधिकारी बेहतर प्रदर्शन करेंगे, उन्हें प्रदेश पदों या चुनावी जिम्मेदारियों में प्राथमिकता दी जाएगी।