मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले का अमृतधारा वाटरफॉल पर शराबियों का जमावड़ा आम हो गया है। परिसर में गंदगी, टूटी-फूटी व्यवस्थाएं और निगरानी के अभाव के कारण दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों की मांग की है कि स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाए और शराबखोरी पर सख्त रोक लगाई जाए।
दूर-दराज से पर्यटक अमृतधारा की खूबसूरती निहारने पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें चारों ओर शराब की खाली और टूटी बोतलें, गंदगी और बदहाल व्यवस्थाएं मिलती हैं। यहां बने तीन कॉटेज देखरेख के अभाव में जर्जर हो चुके हैं, और रेस्टोरेंट का संचालन भी पूरी तरह बंद है।
ह है कि पुलिस सहायता केंद्र में हमेशा ताला लटका रहता है, जिससे आपात स्थिति में पर्यटकों को मदद नहीं मिल पाती। वाटरफॉल के किनारे लगी लोहे की सुरक्षा फेंसिंग टूट चुकी है, जिसे अस्थायी रूप से बांस की फेंसिंग से बदला गया है। इसके बावजूद, कई पर्यटक फेंसिंग के आगे जाकर सेल्फी लेने का जोखिम उठा रहे हैं।
स्थानीय लोगों और पर्यटकों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया, तो यह ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहर अपनी पहचान खो देगी।