बिलासपुर में डीजल और पेट्रोल की किल्लत की खबर के बाद गुरुवार को फ्यूल स्टेशनों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सुबह से लेकर दोपहर और देर रात तक लोगों की भीड़ पेट्रोल पंपों पर जुटी रही। शहर के भीतर और आउटर क्षेत्र के करीब 13 पेट्रोल पंपों में ईंधन खत्म हो जाने से यह स्थिति बनी।
वहीं कलेक्टर ने ऑयल कंपनियों के अधिकारियों और पेट्रोल-डीजल एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे घबराएं नहीं, शहर में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
दरअसल एक दिन पहले शहर के अंदर और आउटर के कुछ पेट्रोल पंपों में ईंधन खत्म हो गया था, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की किल्लत को लेकर अफवाह फैल गई। इसी वजह से गुरुवार को जिन फ्यूल स्टेशनों पर ईंधन उपलब्ध था, वहां वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
पुलिस पेट्रोल पंप, अंबे फ्यूल्स और बबला पेट्रोल पंप सहित कई स्थानों पर सुबह से लेकर देर रात तक भीड़ कम नहीं हुई।
एक ही दिन में बढ़ी बिक्री
फ्यूल स्टेशनों पर गुरुवार को अचानक भीड़ बढ़ गई। ज्यादातर लोग अपनी बाइक में 600 से 700 रुपए तक का पेट्रोल भरवाते दिखे, जबकि सामान्य दिनों में इतनी खरीदारी नहीं होती। वहीं, कार चालकों ने 1500 रुपए से लेकर फुल टैंक तक पेट्रोल भरवाया।
गुरुवार को कैलाश फिलिंग स्टेशन, यशराज फ्यूल्स, अमृत फ्यूल्स, गंगा फ्यूल्स, आरके फ्यूल्स और गुम्बर फ्यूल्स समेत करीब 8 फ्यूल स्टेशन बंद रहे। हालांकि एक दिन पहले 13 पंप ड्राई हो गए थे।
दोपहर बाद पहुंचा टैंकर, फिर शुरू हुई सप्लाई
गुरुवार सुबह नेहरू चौक स्थित राजेश पेट्रोल पंप बंद मिला। यहां लगातार दूसरे दिन पेट्रोल उपलब्ध नहीं था। दोपहर में टैंकर पहुंचने के बाद सप्लाई शुरू की गई। इंदु चौक का पंप बुधवार को ड्राई था, लेकिन गुरुवार को यहां पेट्रोल की सप्लाई सामान्य रूप से बहाल हो गई।
पुलिस पेट्रोल पंप में दो गुना बिक्री
आमतौर पर पुलिस पेट्रोल पंप में लोगों की भीड़ ज्यादा रहती है। गुरुवार सुबह 11 बजे सबसे ज्यादा भीड़ यही नजर आई। गाड़ियों की कतार सड़क तक पहुंच गई थी। भीड़ को देखते हुए एक्स्ट्रा टैंकर मंगाया गया। एक ही दिन में ती टैंकर खाली हो गया।
बताया गया कि यहां करीब 40 हजार लीटर का स्टॉक मंगाया गया था। फिर शाम को डीजल और पेट्रोल टैंकर मंगाना पड़ा।
सरकंडा क्षेत्र में लगा जाम, पेट्रोल पंप पर लगी कतार
सरकंडा के सरजू पेट्रोल पंप में भी लंबी लाइन लगी रही। वहीं चांटीडीह चौक का आरके पेट्रोल पंप बंद पड़ा था और वहां सन्नाटा था। बैमा-नगोई चौक के बीपीसीएल और एचपीसीएल पंप चालू रहे। यहां दोपहर में भीड़ अपेक्षाकृत कम थी।
दोपहर बाद से लेकर देर शाम तक पेट्रोल पंप में कतार लगी रही। एसईसीएल ऑफिस के पास बबला पेट्रोल पंप और टैगोर चौक के अंबे फ्यूल्स में देर रात तक वाहन चालकों की कतार लगी रही। इसके चलते शाम से लेकर रात तक सड़क जाम की स्थिति बनी रही।
आईओसीएल पंपों पर सबसे ज्यादा दबाव
जिले में सबसे ज्यादा दबाव आईओसीएल के पंपों पर दिखा। पेट्रोल की बिक्री 1.37 लाख लीटर से बढ़कर 1.69 लाख लीटर पहुंच गई। यानी करीब 24% बढ़ोतरी हुई। डीजल की बिक्री 1.50 लाख लीटर से बढ़कर 2.08 लाख लीटर हो गई, जो करीब 39% ज्यादा है। बीपीसीएल में पेट्रोल की बिक्री 8% और डीजल की 8.3% बढ़ी।
एचपीसीएल में पेट्रोल की बिक्री 10% और डीजल की मांग 14% तक बढ़ी। दरअसल पेट्रोल-डीजल खत्म होने की आशंका में लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवा रहे हैं। पिछले 24 घंटे में डीजल की बिक्री 22% और पेट्रोल की बिक्री 16% से ज्यादा बढ़ गई है।
कलेक्टर बोले- घबराएं नहीं, ज्यादा खरीदी न करने की अपील
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने गुरुवार सुबह ऑयल कंपनियों के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक है और जिन पंपों में कमी है वहां लगातार सप्लाई भेजी जा रही है। जिले में वर्तमान में पेट्रोल का 1191 किलोलीटर और डीजल का 1507 किलोलीटर स्टॉक उपलब्ध है, जो जिले की आवश्यकता के अनुसार पांच दिनों से अधिक की जरूरत को पूरा करने में सक्षम है।
कलेक्टर ने लोगों से अपील की कि अफवाहों में आकर जरूरत से ज्यादा खरीदी न करें। इधर फूड कंट्रोलर अमृत कुजूर और तीनों ऑयल कंपनियों के अधिकारियों ने शहर के कई पंपों का निरीक्षण कर स्थिति देखी। 24 घंटे पेट्रोल पंप खुले रखने के निर्देश दिए हैं। जिले में ईंधन आपूर्ति से संबंधित शिकायतों के निराकरण के लिए कॉल सेंटर नंबर 07752224150 जारी किया गया है