मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने की परंपरा एक बार फिर चाइनीज मांझे के कारण जानलेवा साबित हुई। रायपुर में एक छात्र के गाल कट गए। वहीं भिलाई में एक ठेका मजदूर घायल हो गया। पहली घटना रायपुर के पंडरी एक्सप्रेस-वे पर हुई। इस हादसे में छात्र संकल्प द्विवेदी गंभीर रूप से घायल हो गया।
वह अपनी बड़ी बहन को स्कूल छोड़ने जा रहा था, तभी चलती गाड़ी में चाइनीज मांझा उसके चेहरे में फंस गया। इससे छात्र के गाल कट गए। वह लहूलुहान हो गया। छात्र को 34 टांके लगाने पड़े। हादसे में छात्र की बहन के हाथ भी मांझे से कट गए।
डॉक्टरों ने बताया कि चाइनीज मांझे से लगे घाव के निशान स्थायी रह सकते हैं, इसलिए प्लास्टिक सर्जरी की सलाह दी गई है। इस पहले रविवार शाम करीब 5 बजे पतंग के चाइनीज मांझे से कटने से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी।
महिला शाम को पैदल मंदिर जा रही थी, तभी मांझा उनके चेहरे में फंस गया। महिला ने मांझा हटाने की कोशिश की, जिससे उनके होंठ और अंगूठे में गहरा कट लग गया। इन हादसों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज मांझा कैसे बिक रहा है?
पहले देखिए ये तस्वीरें-
भिलाई में ठेका श्रमिक के गले में फंसा मांझा
भिलाई में मकर संक्रांति के दिन कुछ युवक चाइनीज मांझे से पतंग उड़ा रहे थे। साइकिल से घर लौटते समय पतंग का चाइनीज मांझा सीधे श्रमिक के गले में उलझ गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
घायल की पहचान असलम (42 वर्ष) निवासी चांदनी चौक, कोहका के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि असलम भिलाई इस्पात संयंत्र में ठेका श्रमिक है। घटना के बाद उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
नेता प्रतिपक्ष के पास पहुंचा छात्र, कार्रवाई की मांग
रायपुर की घटना के बाद छात्र संकल्प द्विवेदी निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी के पास पहुंचा और कहा कि जो हादसा उसके साथ हुआ, वह किसी और परिवार के साथ न हो। छात्र ने आरोप लगाया कि निगम स्तर पर शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
वहीं नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने पीड़ित को हर संभव मदद दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राजधानी में लगातार हो रही ऐसी घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने नगर निगम आयुक्त और जिला कलेक्टर से मांग की है कि चाइनीज मांझे की बिक्री, भंडारण और उपयोग पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम नागरिकों की जान की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।