बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के राजपुर अनुभाग अंतर्गत ग्राम कोदौरा (किरीकछार) में राजस्व अभिलेखों में कथित छेड़छाड़ और अनुसूचित जनजाति की भूमि पर अवैध कब्जे का गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामवासी अंजनी कोल सहित अन्य ग्रामीणों ने एसडीएम राजपुर को लिखित आवेदन देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि अजय गुप्ता, धर्मेन्द्र गुप्ता और सरिता देवी ने तत्कालीन तहसीलदार सालिक राम गुप्ता और हल्का पटवारी अजेन्द्र टोप्पो से मिलीभगत कर आदिवासी भूमि को अपने नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करा लिया।
खेती के लिए दी गई जमीन नहीं लौटाई
ग्रामीणों के अनुसार, खसरा नंबर 394/2 और 394/12 की भूमि आदिवासी रामसुरत कोड़ाकू के परिवार की है, जिसे आर्थिक तंगी के कारण अजय गुप्ता को केवल खेती के लिए 15 सालों के लिए दिया गया था।
अब 17-18 साल बीतने के बावजूद भूमि वापस नहीं की जा रही है और उस पर मकान बनाकर कब्जा कर लिया गया है। जमीन मांगने पर मारपीट की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
अवैध रूप से नाम दर्ज कराने का आरोप
इसके अलावा खसरा नंबर 394/11 (0.995 हेक्टेयर) को भी कथित रूप से अवैध तरीके से अजय गुप्ता के नाम दर्ज कराने का आरोप है। वहीं धर्मेन्द्र गुप्ता और सरिता देवी पर अन्य आदिवासी ग्रामीणों की जमीन में खुद को सह-खातेदार दर्ज कराने की शिकायत भी की गई है।
झूठे मामलों में फंसाने की धमकी, गांव में भय का माहौल
ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी लगातार झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दे रहे हैं, जिससे गांव में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है।
तीन दिन में जांच कर एफआईआर, रिकॉर्ड सुधार और जमीन वापसी की मांग
आवेदकों ने प्रशासन से तीन दिवस के भीतर जांच कर एफआईआर दर्ज करने, राजस्व रिकॉर्ड में सुधार करने और भूमि वापस दिलाने की मांग की है।
कार्रवाई नहीं हुई तो चक्का जाम की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे चक्का जाम करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।