रायपुर: शहर में अवैध कब्जों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत लालपुर में शनिवार को बड़ी कार्रवाई हुई। करीब 20 हजार वर्गफीट शासकीय जमीन पर बने अवैध काम्प्लेक्स को गिराने की प्रक्रिया शुरू की गई। भवन में 9-10 दुकानें संचालित हो रही थीं, जबकि ऊपरी हिस्से में पीजी चलाया जा रहा था।
सीमांकन के बाद निगम अमले ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलाया। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई एक दिन तक सीमित नहीं रहेगी और शेष अतिक्रमण पर भी कदम उठाए जाएंगे। महापौर मीनल चौबे ने स्पष्ट किया है कि नियमों की अनदेखी कर निर्माण करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा
सुबह से घेराबंदी, फिर चला बुलडोजर
शनिवार सुबह से ही निगम और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई थी। पहले भवन खाली कराया गया, फिर छह जेसीबी और दो पोकलेन मशीनों की मदद से दुकानों व कमरों को तोड़ा गया। देर शाम तक मलबा हटाने का काम चलता रहा। आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।
ढाई एकड़ में 50 से ज्यादा कब्जे
लालपुर की करीब ढाई एकड़ इस जमीन पर 50 से अधिक लोगों द्वारा कब्जा किए जाने की जानकारी सामने आई है। कार्रवाई की जद में अन्य निर्माण भी हैं। निगम अधिकारियों के अनुसार शेष हिस्सों का भी सीमांकन कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
2008 से बन रही थी बिल्डिंग, उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित बिल्डिंग का निर्माण वर्ष 2008 से जारी हुआ और करीब 12 वर्षों तक चलता रहा। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि इतने लंबे समय तक निर्माण कैसे होता रहा। लोगों ने इस दरमियान नियुक्त जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग भी की है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।