रायपुर के डिवाइन कैफे में चंगाई सभा का आयोजन किया गया था। कैफे में धर्मांतरण और हिंदू देवी-देवताओं के अपमान को लेकर जमकर बवाल हुआ। बताया जा रहा है कि सभा में ईसाई समुदाय के कुछ लोगों ने यीशु को भगवान से बड़ा बताया और प्राइवेट नौकरी दिलाने का वादा कर लोगों से ईसाई धर्म अपनाने के लिए कहा।
वहीं, सभा में मौजूद हिंदू संगठनों के सदस्यों ने इसका विरोध किया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच जमकर बहस हुई और विवाद की स्थिति बन गई। इस दौरान हिंदू संगठन के सदस्यों ने नारेबाजी भी की।
हिंदू संगठन के सदस्यों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने इस मामले में 4 लोगों को हिरासत में लिया है। हिरासत लिए गए लोगों के नाम सैफीन, आमीन, उदय और श्रीकांत बताए जा रहे हैं। पुलिस अब इनके खिलाफ आगे की कार्रवाई कर रही है। यह मामला सिविल लाइन थाना के कटोरा तालाब इलाके का मामला है।
अब जानिए क्या है पूरा मामला?
दरअसल, सोमवार सुबह सिविल लाइन के डिवाइन कैफै में चंगाई सभा का आयोजन किया गया था। सभा में 100 से 150 लोग शामिल हुए। इसकी जानकारी हिंदू संगठन के योगेश बरिहा को मिली। इसके बाद योगेश बरिहा हिंदू संगठन के कार्यकर्ता के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने कैफै में लोगों को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाया।
शिकायतकर्ता योगेश बरिहा ने पुलिस को बताया कि उन्हें अपने एक परिचित से जानकारी मिली थी। उन्होंने कहा कि ईसाई समुदाय के सैफिन मसीह, अमीन क्रिश्चियन, जैकब दास, श्रीकांत मनहर और उदय प्रसाद मिलकर धर्मांतरण का काम करते हैं।