सरगुजा जिले के राजाकटेल गांव में विशेष संरक्षित पंडो जनजातियों की जमीन पर मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा अवैध कब्जा के विवाद को लेकर कांग्रेस की जांच टीम गांव में पहुंची। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु सिंह के नेतृत्व में गठित 8 सदस्यीय दल ने लोगों से बात कर पूरे मामले की जानकारी ली।
ग्रामीणों ने टीम को बताया कि उनकी जमीन के दस्तावेज अब तक नहीं दिए गए हैं और जमीन का सीमांकन भी नहीं किया गया है।
दरअसल, राजाकटेल गांव में विशेष संरक्षित पंडो जनजाति की खेती वाली जमीन पर बाहरी लोगों द्वारा कब्जा करने और उन्हें बेदखल करने की शिकायत सामने आई थी। इस मामले को लेकर भाजपा के पदाधिकारी भी गांव पहुंचे थे।
ग्रामीणों की जमीन और सरकारी पर मुस्लिमों द्वारा अवैध तरीके से कब्जा करने को लेकर गांव में विवाद की स्थिति बनी हुई है। इसी विवाद को देखते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने मामले की जांच के लिए एक टीम बनाई है।
भू अधिकार मिला, लेकिन दस्तावेज नहीं मिले
गांव का दौरा करने के बाद जांच के लिए गठित दल में शामिल कांग्रेस महामंत्री और अधिवक्ता हेमंत तिवारी ने बताया कि 80 के दशक में इस गांव के पंडो जनजाति को सिंहदेव योजना के अन्तर्गत भू-अधिकार तो दिए गए, लेकिन इससे संबंधित दस्तावेज आज तक नहीं दिया गया।
आज तक गांव में भूमि का न तो सीमांकन हुआ है न ही कब्जे से संबंधित नक्शों को काटा गया है। भू-स्वामियों को भू-अधिकार से संबंधित दस्तावेज नहीं मिलने के कारण उनकी जमीन की पहचान स्पष्ट नहीं है।
ग्रामीणों ने बताया कि पंडो जनजाति के जमीनों के साथ ही गांव की अन्य शासकीय जमीन पर भी कब्जा हुआ है। विवाद उभरने के बाद प्रशासन द्वारा गठित जांच दल ने भी मौके पर कोई पुख्ता कारवाई नहीं की है, न तो नापजोख या सीमांकन किया है।
मामले में जांच दल 2 दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट जिला कांग्रेस अध्यक्ष को सौंप देगा। जांच दल के सदस्यों में लखनपुर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अमित सिंहदेव, उदयपुर जनपद अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष प्रशांत सिंह, जिला पंचायत सदस्य मोनिका पैकरा, पूर्व महिला जिलाध्यक्ष संध्या रवानी और जगरोपन यादव भी मौजूद थे।
समस्या निवारण की मांग करेंगे-पाठक
कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा है कि अति संरक्षित पंडो जनजाति के जमीन सहित शासकीय जमीन पर कब्जे का मामला बेहद गंभीर है। दोषियों की पहचान कर उन्हें बेदखल कर पंडो जनजाति के प्रभावितों को उनके जमीन का हक दिलाने की आवश्यकता है।
पंडो समाज के भू-अधिकार के हित में कार्य कर रहे पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के बयानों को भाजपा तोड़-मरोड़कर और उनका पुतला दहन कर इस मुद्दे पर अपनी राजनीतिक रोटी सेंक रही है। उसे पंडो समाज के हित से कोई सरोकार नहीं है। राजाकटेल में कैंप लगाकर भूमि की नापजोख और सीमांकन कर प्रभावित पंडो जनजाति के परिवारों को उनकी भूमि का कब्जा वापस दिलाया जाएगा।