रायपुर में सुभाष स्टेडियम के पास स्थित पुराने महापौर बंगले को अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दफ्तर के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। यह फैसला मेयर इन काउंसिल (MIC) की बैठक में लिया गया।
दरअसल, ED के डिप्टी डायरेक्टर ने अपने आंचलिक कार्यालय के लिए कलेक्टर के माध्यम से करीब 4000 वर्गफुट जगह की मांग की थी। इसके बाद खाली पड़े महापौर निवास को उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया।
दफ्तर के लिए उपयुक्त है भवन
यह बंगला फिलहाल खाली है। इसमें ग्राउंड फ्लोर पर चार बड़े और दो छोटे कमरे के साथ प्रसाधन कक्ष मौजूद है। पहली मंजिल पर दो बड़े हॉल और दो छोटे कमरे सहित अन्य सुविधाएं हैं, जिससे इसे कार्यालय के रूप में आसानी से उपयोग किया जा सकता है।
पुलिस कमिश्नरेट के लिए भी व्यवस्था
बैठक में रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के उपायुक्त (पश्चिम) कार्यालय के लिए भी व्यवस्था की गई। कोटा मुक्तिधाम के सामने स्थित सामुदायिक भवन को अस्थायी रूप से कार्यालय के लिए देने की मंजूरी दी गई है।
महापौर मीनल चौबे की अध्यक्षता में बैठक
यह सभी फैसले महापौर मीनल चौबे की अध्यक्षता में हुई MIC बैठक में लिए गए। बैठक में नगर निगम आयुक्त विश्वदीप सहित MIC सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मीटिंग में शहर के प्रशासनिक कामकाज को बेहतर बनाने और अलग-अलग व्यवस्थाओं को सुचारु करने को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई।