कोरबा में एसईसीएल दीपका खदान में कलिंगा कंपनी के एक श्रमिक की ड्यूटी के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद बुधवार सुबह से ही मृतक के परिजनों और साथी ड्राइवरों ने कलिंगा कंपनी के मुख्य द्वार पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, अण्डीकछार निवासी 32 वर्षीय जुरखन जांगड़े कलिंगा कंपनी में कार्यरत थे। मंगलवार रात लगभग 9:30 बजे सेकंड शिफ्ट के दौरान उन्होंने अपनी चलती गाड़ी किनारे खड़ी की और नीचे उतरे। इसके बाद वे अचानक वहीं गिर पड़े।
मौके पर मौजूद अन्य ड्राइवरों ने जांच की तो उनकी सांसें चल रही थीं, लेकिन उनकी हालत गंभीर थी। आरोप है कि कंपनी प्रबंधन को सूचना मिलने के बाद उन्हें एनसीएच अस्पताल ले जाया जा रहा था। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनकी मौत हो गई
प्रबंधन पर मामला दबाने का आरोप
मृतक के परिजनों और प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन घटना को दबाने का प्रयास कर रहा है और परिवार पर मामले को निपटाने का दबाव बनाया जा रहा है। परिजनों ने मांग की है कि कंपनी नियमतः तय मुआवजा और परिवार के लिए व्यवस्थाएं लिखित रूप में दे।
मुआवजा और नौकरी देने की मांग
उनकी प्रमुख मांगों में मृतक के परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को स्थायी रोजगार, हादसे की निष्पक्ष जांच और कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों की समीक्षा शामिल है। कलिंगा कंपनी का मुख्य द्वार प्रदर्शनकारियों द्वारा अवरुद्ध कर दिया गया है, जिसके कारण खदान में काम बंद है।
लिखित में आश्वासन की डिमांड
श्रमिक संगठनों और स्थानीय ग्रामीणों के समर्थन से यह आंदोलन जारी है।प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक प्रबंधन लिखित में ठोस आश्वासन नहीं देता, तब तक शव को एनसीएच अस्पताल से नहीं उठाया जाएगा और चक्काजाम जारी रहेगा।
घटना की सूचना मिलने पर दीपका थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनाक्रम की जानकारी ली और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास कर रही है। आगे की कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई है।