छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में कैंसर अस्पताल और लॉ कॉलेज खोलने के नाम पर वकील से करीब 3 करोड़ रुपए की ठगी हुई है। बताया जा रहा है कि आरोपी ने पीड़ित को स्कॉटलैंड से 103 करोड़ रुपए का डिमांड ड्राफ्ट भेजने का झांसा दिया।
इस रकम को क्लियर कराने के नाम पर अलग-अलग प्रोसेसिंग फीस और टैक्स के बहाने 3 करोड़ रुपए वसूल लिए गए। काफी समय तक डिमांड ड्राफ्ट क्लियर नहीं होने पर पीड़ित को संदेह हुआ। जांच करने पर खुद के साथ ठगी होने का एहसास हुआ।
इसके बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पीड़ित के बैंक कर्मी दोस्त पर ठगी के आरोप लगाए थे, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक पीड़ित वकील का नाम अरुण मिश्रा है। आरोपी HDFC बैंक में काम करता था। मामला चकरभाठा थाना क्षेत्र का है।
आरोपी नवीन जून (34), सोनीपत (हरियाणा) का रहने वाला है, जो वर्तमान में बिलासपुर में रह रहा था। उसके कब्जे से थार और वेन्यू कार, मोबाइल, टैबलेट और लैपटॉप जब्त किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता भी हो सकती है, जिसकी जांच जारी है।
इस तरह दिया ठगी की वारदात को अंजाम
पीड़ित ने थाना चकरभाठा में शिकायत दर्ज कराई कि जनवरी-फरवरी 2024 में उसे एक विदेशी नंबर से व्हाट्सएप मैसेज मिला। मैसेज भेजने वाले ने खुद को ग्रेट ब्रिटेन का ‘डॉ. लोव्हीत’ बताया और बाद में उसे अपनी कथित सहयोगी ‘ग्रेस डेविड’ (स्कॉटलैंड निवासी) से जोड़ दिया।
ग्रेस डेविड ने भारत में कैंसर अस्पताल, ब्लाइंड इंस्टिट्यूट, रियल एस्टेट और लॉ कॉलेज में करीब 500 करोड़ रुपए निवेश करने का झांसा दिया और पीड़ित को पार्टनर बनाने की बात कही। इस झांसे में आकर पीड़ित ने प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कराई और लगातार संपर्क में रहा।
डिमांड ड्राफ्ट के क्लियरेंस के नाम पर मांगे रुपए
10 जून 2024 को महिला के भारत आने और उसके नाम पर 103 करोड़ रुपए के डिमांड ड्राफ्ट के क्लियरेंस के नाम पर पीड़ित से पैसे मांगे जाने लगे। शुरुआत में होटल, खर्च और औपचारिकताओं के नाम पर रकम ली गई, फिर एंबेसी, बैंक, आरबीआई, ईडी और कस्टम की कार्रवाई का हवाला देकर लगातार पैसे मांगे गए।
इस तरह प्रार्थी ने 31 जुलाई 2024 तक अलग-अलग खातों से करीब 11.5 लाख रुपए और बाद में आरोपी नवीन जून के खाते में किस्तों में कुल 3 करोड़ 13 लाख 13 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए।
बैंकिंग जानकारी का गलत इस्तेमाल किया
जांच में सामने आया कि आरोपी नवीन जून ने फर्जी ईमेल आईडी बनाकर खुद को बैंक और एंबेसी का अधिकारी बताकर पीड़ित को गुमराह किया। आरोपी पहले बैंक में डायरेक्ट सेलिंग एजेंट रह चुका है और उसने अपनी बैंकिंग जानकारी का गलत इस्तेमाल कर साथियों के साथ मिलकर इस ठगी को अंजाम दिया।