जांजगीर-चांपा जिले के बम्हनीडीह क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और भंडारण के खिलाफ एक पूर्व सरपंच का विरोध गंभीर मोड़ पर पहुंच गया

Chhattisgarh Crimesजांजगीर-चांपा जिले के बम्हनीडीह क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और भंडारण के खिलाफ एक पूर्व सरपंच का विरोध गंभीर मोड़ पर पहुंच गया। कार्रवाई न होने से नाराज पूर्व सरपंच माधव प्रसाद डडसेना ने जहर पीने की चेतावनी तक दे दी थी।हालांकि, प्रशासन की पहल के बाद उन्होंने फिलहाल अपना कदम पीछे खींच लिया है।

डडसेना का आरोप है कि पिपरदा, पुछेली, खपरीडीह, बम्हनीडीह, सोनाईडीह, गाँविन्दा और हसदेव नदी किनारे सीलाडीह तक बड़े पैमाने पर अवैध रेत उत्खनन और भंडारण हो रहा है। उन्होंने कई बार खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग से शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे रेत माफियाओं के हौसले बुलंद हो रहे हैं।

डडसेना ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी तक लिखित शिकायतें भेजीं। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नहीं दिखा। लगातार अनदेखी से आहत होकर उन्होंने 21 तारीख को बम्हनीडीह थाने के सामने जहर पीने की चेतावनी दी थी।

बैठक में चेक पोस्ट और सख्त कार्रवाई का भरोसा

चेतावनी के बाद प्रशासन हरकत में आया और एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में तहसीलदार शशिभूषण सोनी, नायब तहसीलदार संजय बारेठ, माइनिंग इंस्पेक्टर आर एल राजपूत, थाना प्रभारी कृष्णपाल सिंह सहित जनप्रतिनिधि और नागरिक मौजूद रहे। बैठक में नाका तरौद चौक, बनारी चौक और हथनेवरा चौक पर चेक पोस्ट लगाने, अवैध रेत भंडारण जब्त करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने पर सहमति बनी।

भरोसा अब भी अधूरा प्रशासन की समझाइश और मांगों पर सहमति के बाद डडसेना ने अपना कदम पीछे खींच लिया है। हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि जब तक जमीनी स्तर पर सख्त कार्रवाई नजर नहीं आती, तब तक प्रशासन के आश्वासनों पर भरोसा करना मुश्किल है।