छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब और डीएमएफ घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कारोबारी अनवर ढेबर और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा पर शिकंजा कसा

Chhattisgarh Crimesरायपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब और डीएमएफ घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कारोबारी अनवर ढेबर और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा पर शिकंजा कसा है। जांच एजेंसियों के अनुसार अब तक दोनों आरोपियों और उनसे जुड़े लोगों की 1400 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं।ईडी की जांच में दावा किया गया है कि कांग्रेस शासनकाल के दौरान संचालित इस कथित सिंडिकेट ने चार बड़े घोटालों के जरिए करीब 4000 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की। इनमें सबसे बड़ा शराब घोटाला बताया जा रहा है, जिसमें सरकारी शराब दुकानों के माध्यम से अवैध रूप से कच्ची शराब की बिक्री कर 3200 करोड़ रुपये से अधिक का काला धन अर्जित किया गया। इस मामले में ईडी ने अब तक 85 लोगों को आरोपी बनाया है।

ढेबर–टुटेजा घोटालों के मास्टर माइंड

जांच एजेंसियों के मुताबिक अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर इस पूरे नेटवर्क के नीति-निर्धारक और प्रमुख संचालक थे। डीएमएफ (जिला खनिज न्यास) फंड घोटाले में पद का दुरुपयोग कर पसंदीदा ठेकेदारों को काम दिलाने और 25 से 40 प्रतिशत तक कमीशन लेने के आरोप लगाए गए हैं।इसके अलावा नकली होलोग्राम घोटाले में सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर अवैध टेंडर दिए गए, जबकि प्लेसमेंट एजेंसियों के जरिए 183 करोड़ रुपये के ओवरटाइम भुगतान में गड़बड़ी सामने आई। जांच एजेंसियों ने कस्टम मिलिंग मामले में भी बड़ी वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा किया है।

1400 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त

ईडी द्वारा जून 2026 में की गई कार्रवाई में 1000 करोड़ रुपये से अधिक की बेनामी और व्यावसायिक संपत्तियां कुर्क की गईं। इसके अलावा गोवा स्थित करीब 110 करोड़ रुपये मूल्य के लग्जरी वेस्टिन होटल को भी जब्त किया गया, जिसे कथित तौर पर शराब घोटाले की रकम से खरीदा गया था।

रायपुर में ढेबर सिटी के प्लॉट, बेनामी जमीनें, शेल कंपनियां, होटल वेनिंगटन कोर्ट सहित अनवर ढेबर से जुड़ी 116 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां जब्त की गई हैं। वहीं अनिल टुटेजा और उनके परिवार के नाम पर दर्ज 15.82 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां भी कुर्क की गई हैं। इसके साथ ही बैंक खातों, शेयरों, म्यूचुअल फंड निवेश, नकदी, फिक्स्ड डिपॉजिट और लगभग 28 करोड़ रुपये के आभूषण भी जब्त किए गए हैं।