अंतागढ़-दल्लीराजहरा-रायपुर पैसेंजर (डेमू) ट्रेन में बढ़ती भीड़ अब यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन गई

Chhattisgarh Crimesअंतागढ़-दल्लीराजहरा-रायपुर पैसेंजर (डेमू) ट्रेन में बढ़ती भीड़ अब यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन गई है। पर्याप्त बोगियां नहीं होने के कारण रोजाना सैकड़ों यात्रियों को ठसाठस भरी ट्रेन में सफर करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि कई यात्री जान जोखिम में डालकर ट्रेन के दरवाजों पर लटककर यात्रा करने को मजबूर हैं।

दरअसल, शनिवार दोपहर 12.48 बजे गुंडरदेही रेलवे स्टेशन के पास का नजारा इस समस्या की गंभीरता को बयां कर रहा है। दल्लीराजहरा निवासी यात्री कमलेश नेताम ने बताया कि, अंतागढ़-रायपुर डेमू ट्रेन में भीड़ इतनी अधिक थी कि कई यात्री बोगी के बाहर लटककर सफर करते नजर आए।

यात्री रवि कुमार ने बताया कि, अंदर यात्रियों की संख्या इतनी ज्यादा थी कि पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी। मजबूरी में लोगों को दरवाजों और बोगियों के किनारों पर खड़े होकर यात्रा करनी पड़ी।

वायरल वीडियो ने खोली व्यवस्थाओं की पोल

हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में भी यही स्थिति दिखाई दी है। वीडियो में ट्रेन दल्लीराजहरा पहुंचने से पहले ही खचाखच भरी नजर आ रही है। दर्जनों यात्री दरवाजों पर लटककर सफर कर रहे हैं, जबकि बोगियों के भीतर क्षमता से कहीं अधिक लोग सवार हैं। ऐसे में जरा सी चूक किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

यात्री बढ़े, लेकिन नहीं बढ़ीं बोगियां

ताड़ोकी तक रेल सेवा विस्तार के बाद इस रूट पर यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ी है। बालोद, दल्लीराजहरा, गुंडरदेही, अंतागढ़ और आसपास के क्षेत्रों के छात्र, कर्मचारी, व्यापारी और आम नागरिक बड़ी संख्या में इस ट्रेन पर निर्भर हैं। लेकिन यात्रियों की बढ़ती संख्या के अनुरूप बोगियों में वृद्धि नहीं की गई है।

ज्ञापन पर ज्ञापन, लेकिन समाधान नहीं

जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के नेता गंगा निषाद और खोमन साहू का कहना है कि, यह समस्या नई नहीं है। क्षेत्रीय सांसद, रेलवे के डीआरएम और अन्य अधिकारियों को बालोद-दल्लीराजहरा की जनता कई बार ज्ञापन सौंपकर अतिरिक्त बोगियां जोड़ने की मांग कर चुकी है। लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है।

चार अतिरिक्त बोगियों की मांग फिर तेज

बालोद शहर के पाररास निवासी दानी साहू ने बताया कि, डेमू ट्रेन में चार अतिरिक्त बोगियां जोड़ने की योजना लंबे समय से रेलवे के स्तर पर चर्चा में है, लेकिन यह अब तक फाइलों से बाहर नहीं निकल सकी है। नतीजतन यात्रियों को रोजाना असुरक्षित परिस्थितियों में सफर करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि, रेलवे प्रशासन को बढ़ती भीड़ को देखते हुए तत्काल अतिरिक्त कोच लगाया जाना चाहिए, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा की सुविधा मिल सके। किसी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके।