रायपुर के बीरगांव के रावाभाठा में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की और झड़प हो गई

Chhattisgarh Crimesरायपुर के बीरगांव के रावाभाठा में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम में भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की और झड़प हो गई। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने तत्काल बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को अलग किया और स्थिति को नियंत्रित किया।

इस बीच बीजेपी विधायक मोतीलाल साहू की गाड़ी के सामने कांग्रेस कार्यकर्ता लेट गए। एडिशनल डीसीपी रायपुर उत्तर, ACP और 3 थाना प्रभारी दर्जनों पुलिस फोर्स के साथ ने मौके पर बीच बचाव किया।

मामला खमतराई थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक जिला प्रशासन ने बीरगांव में सुशासन तिहार शिविर का आयोजन किया था, जिसका विरोध करने कांग्रेस कार्यकर्ता पहुंच गए। इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम स्थल के बाहर जमकर नारेबाजी की।

इस दौरान पुलिस की ओर से लगाए गए बैरिकेड के पास कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच भी धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड पार करने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकते हुए स्थिति संभाली। तनाव बढ़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाया गया।

कांग्रेस के विरोध करने की वजह

कांग्रेस कार्यकर्ता महिलाओं को आवासीय पट्टा वितरण, 500 रुपए में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने और महतारी वंदन योजना की राशि से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को पूरा करने की मांग उठाई। कार्यक्रम स्थल के आसपास काफी देर तक नारेबाजी होती रही।

विधायक के काफिला रोकने का भी प्रयास

प्रदर्शन के दौरान रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू के खिलाफ भी नारेबाजी की गई। कांग्रेस के ग्रामीण जिला अध्यक्ष पप्पू बंजारे, स्थानीय पार्षदों और अन्य कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में प्रदर्शन हुआ। इस दौरान विधायक के काफिला भी रोकने का प्रयास किया गया, हालांकि पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर आवागमन सामान्य कराया।

कांग्रेस ग्रामीण जिला अध्यक्ष पप्पू बंजारे ने कहा कि उनका प्रदर्शन पूर्व निर्धारित था और इसकी जानकारी पहले से प्रशासन को दी गई थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने पहुंचे थे।

बंजारे ने आरोप लगाया कि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है, इसलिए लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया गया। वहीं प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में स्थिति सामान्य होने के बाद कार्यक्रम आगे संचालित हुआ।