लालटेन से EMRS तक का सफर,राजापडा़व क्षेत्र की आदिवासी बालिका करीना ओटी की बड़ी सफलता,प्रतिभा संसाधन की मोहताज नहीं
प्राथमिक शाला भदरीपारा की करीना ओटी एकलव्य विद्यालय में चयनित
पूरन मेश्राम/गरियाबंद विकासखंड मुख्यालय मैनपुर राजापड़ाव क्षेत्र के सुदूर वनांचल ग्राम पंचायत कोचेंगा के आश्रित ग्राम भदरीपारा मे सीमित संसाधनों और प्रकाश-विहीन क्षेत्र की कठिन परिस्थितियों के बीच भी मेहनत और लगन की जीत हुई है।विकासखंड मैनपुर के प्राथमिक शाला भदरीपारा संकुल केंद्र भूतबेड़ा की प्रतिभाशाली छात्रा कुमारी करीना ओटी, पिता छबिलाल ओटी का चयन एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS) में हुआ है।
*गरीबी को मात दे दी बेटी ने*
कुमारी करीना के पिता छबिलाल ओटी मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। गाँव और घर में बिजली नहीं है, आने-जाने के लिए पक्की सड़क नहीं है। इसके बावजूद करीना ने अपनी अथक मेहनत, लगन और जिद से EMRS की कठिन परीक्षा पास कर ली।
*गुरु और माता-पिता का योगदान*
इस सफलता का श्रेय करीना की मेहनत के साथ-साथ अभिभावकों के विश्वास और विद्यालय के शिक्षक तरूण कुमार साहू एवं दारासिंह प्रधान के सतत मार्गदर्शन को जाता है। शिक्षकों ने कच्चे स्कूल भवन में भी करीना को EMRS के लायक बना दिया।
*क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण*
करीना की यह उपलब्धि सिद्ध करती है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। यह सफलता पूरे भदरीपारा ग्राम विद्यालय परिवार एवं राजापडा़व क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण है। तथा अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का दीपक है।
*विद्यालय परिवार ने दी बधाई*
प्राथमिक शाला भदरीपारा परिवार की ओर से कुमारी करीना ओटी को उज्ज्वल भविष्य हेतु हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएँ दी गई हैं। शिक्षकों ने कहा कि करीना ने साबित कर दिया कि वनांचल की बेटियां भी देश की टॉपर बन सकती हैं। करीना की उपलब्धि पर जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम ने कहा कि राजा पड़ाव की करीना लालटेन से पढ़ाई कर EMRS पहुंँच गई। क्षेत्र के हर गांव में पक्का स्कूल बिजली मिल जाए तो 100 करीना EMRS निकालेंगी। सरकार से मांग है कि करीना की सफलता को मॉडल बनाकर वनांचल के हर स्कूल में सुविधा दिया जाय।
EMRS क्या है
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय केंद्र सरकार की योजना है। इसमें अनुसूचित जनजाति के मेधावी बच्चों को 6वी से 12वीं तक निःशुल्क आवासीय शिक्षा, भोजन,किताबें दी जाती हैं। प्रवेश के लिए कठिन परीक्षा पास करना पड़ता है।