गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में अदालत ने गैर-इरादतन हत्या के मामले में राजू चौधरी (45) को दोषी ठहराया है। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश पेंड्रारोड ज्योति अग्रवाल की अदालत ने उसे भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 के तहत 7 साल के सश्रम कारावास और 2 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर उसे 3 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
मामला 10 जनवरी 2026 की रात करीब 8 बजे का है। अमरपुर के राजू चौधरी ने 70 वर्षीय सोहतिया बाई से गाली-गलौज की और उन्हें सीसी रोड पर जोर से धक्का दे दिया। धक्का लगने से बुजुर्ग महिला के सिर, कूल्हे और पैर में गंभीर चोटें आईं।
परिजन की शिकायत पर दर्ज हुआ था मामला
परिजनों ने उनका इलाज कराया, लेकिन इलाज के दौरान 14 जनवरी 2026 को उनकी मौत हो गई। घटना के बाद सोहतिया बाई के परिजन श्रीचंद चौधरी की शिकायत पर पेंड्रा थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद कोर्ट में चालान पेश किया।
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने माना कि राजू चौधरी को यह पता था कि बुजुर्ग महिला को इतनी जोर से धक्का देने से उनकी जान जा सकती है। गवाहों और अन्य सबूतों के आधार पर कोर्ट ने उसे धारा 105 के तहत दोषी माना।
हालांकि, अदालत ने उसे धारा 296 और 351(3) के आरोपों से बरी कर दिया। इसके बाद उसे 7 साल की सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया गया। मामले में शासन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक कौशल सिंह ने पैरवी की।