छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के संगठन चुनाव को लेकर पार्टी के अंदर ही असंतोष सामने आने लगा है। सूत्रों के मुताबिक चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद अलग-अलग चरणों में नियम और प्रक्रिया में बदलाव किए गए। इसका सबसे ज्यादा असर उन जिलों में देखने को मिल रहा है, जहां सिर्फ एक विधानसभा सीट है। सामने आए स्क्रीन शॉट्स के मुताबिक चुनाव प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों को बताया गया था कि जिन जिलों में केवल एक विधानसभा है, वहां विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव नहीं होगा। इसी तरह सिर्फ एक ब्लॉक वाली विधानसभा में ब्लॉक अध्यक्ष का चुनाव नहीं कराने की बात कही गई थी।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब उन्हें पता था कि उनके जिले में चुनाव नहीं होगा, तो कई लोगों ने नामांकन ही नहीं किया। कुछ उम्मीदवारों ने अपनी चुनावी रणनीति और तैयारियां भी उसी हिसाब से तय कीं। उनका कहना है कि पुराने नियम के आधार पर नामांकन नहीं करने वालों को भी चुनाव लड़ने का मौका मिलना चाहिए।
IYC ऐप की परफॉर्मेंस रिपोर्ट भी सवालों के घेरे में
सूत्रों के मुताबिक चुनाव प्रक्रिया में IYC ऐप पर किए गए संगठनात्मक काम को भी काफी महत्व दिया गया था। ऐप पर दर्ज गतिविधियों और संगठनात्मक प्रदर्शन के आधार पर उम्मीदवारों की कैटेगरी और परफॉर्मेंस तय किए जाने की बात सामने आई थी।
बाद में हाई परफॉर्मर, मैपिंग और अन्य मानदंडों को लेकर अलग-अलग निर्देश सामने आने का दावा किया जा रहा है।
कुछ कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जिन लोगों की शुरुआती रिपोर्ट में स्थिति कमजोर या रेड कैटेगरी में बताई गई थी, उन्हें बाद में चुनावी प्रक्रिया में आगे बढ़ने का अवसर मिला। इससे ऐप आधारित मूल्यांकन की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
जिला अध्यक्ष के लिए इंटरव्यू, फिर ओपन चुनाव की चर्चा
सूत्रों के मुताबिक कुछ पदों के लिए शुरुआत में इंटरव्यू के जरिए चयन की प्रक्रिया बताई गई थी। इसके लिए कई कार्यकर्ता इंटरव्यू देने पहुंचे।
बाद में जिला अध्यक्ष पद समेत कुछ पदों के लिए ओपन इलेक्शन की प्रक्रिया अपनाए जाने की चर्चा शुरू हुई। प्रदेश महासचिव पद को लेकर भी इसी तरह प्रक्रिया में बदलाव का दावा किया जा रहा है।
कार्यकर्ताओं का सवाल है कि अगर चयन का तरीका बदलना था तो इसकी जानकारी शुरुआत में ही स्पष्ट क्यों नहीं की गई।
पात्रता और आपराधिक मामलों पर भी सवाल
कुछ कार्यकर्ताओं ने चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की पात्रता को लेकर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि गंभीर आपराधिक मामलों से जुड़े उम्मीदवारों के मामले में नियमों का समान तरीके से पालन नहीं किया गया।
इसके अलावा हाई परफॉर्मर सूची, दिल्ली में इंटरव्यू और ऑनलाइन इंटरव्यू से जुड़े नियमों में भी अलग-अलग समय पर बदलाव किए जाने का दावा किया जा रहा है।
शिकायतों के बाद भी स्पष्ट जवाब नहीं मिलने का आरोप
सूत्रों के मुताबिक इन मुद्दों को लेकर कई कार्यकर्ताओं ने ई-मेल और शिकायतों के जरिए चुनाव प्रबंधन तक अपनी बात पहुंचाई है। कुछ लोगों ने व्यक्तिगत रूप से भी आपत्ति दर्ज कराई।
हालांकि कार्यकर्ताओं का आरोप है कि उन्हें अब तक नियमों और बदलावों को लेकर स्पष्ट लिखित जवाब नहीं मिला है।
प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए 17 उम्मीदवार मैदान में
छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए फिलहाल 17 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इनमें शैलेंद्र बंजारे, सत्येंद्र चेलक, विनोद कश्यप, भावेंद्र गंगोत्री, दीक्षा पांडे, जसमीत शर्मा, कपिल कांत नाग, मानव देशमुख, मृदुला भास्कर, परमीत बग्गा, प्रशांत बोकड़े, प्रीतिका विश्वकर्मा, प्रीति वैष्णव, सागर बाघमारे, सजल चंद्राकर, शालिनी रामटेके और सोनिका पोर्ते शामिल हैं।