छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में गर्भवती महिला ने बच्चे को जन्म दिया, लेकिन 1 महीने बाद उसकी मौत हो गई। परिवार वालों ने केरसई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
उनका कहना है कि प्रसव के बाद कॉपर-टी लगाने के बाद महिला की तबीयत बिगड़ गई और एक महीने तक अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के बाद उसकी मौत हो गई। हालांकि, डॉक्टरों ने मौत की वजह दिमाग की नस में ब्लड क्लॉट बताई है।
आरोप है कि कॉपर-टी पेशाब की थैली में लगी दी गई थी, जिसे निकालने के लिए 4 घंटे तक ऑपरेशन चला। इस मामले को लेकर परिवार वालों ने हंगामा किया, जिसके बाद कलेक्टर ने संज्ञान लिया। उनके निर्देश पर एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमॉर्टम किया। इसके अलावा जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति भी बनाई गई।
अब जानिए पूरा मामला
केरसई की रहने वाली प्रफुल्ला हंसदा की डिलीवरी 29 जुलाई 2026 को केरसई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में हुई थी। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, प्रसव के बाद महिला को 48 घंटे निगरानी में रखा गया। इसके बाद 31 जुलाई को नियमानुसार कॉपर-टी लगाई गई।
परिवार वालों का कहना है कि इसके बाद महिला को पेट में तेज दर्द समेत कई तरह की परेशानियां होने लगीं। तबीयत बिगड़ने पर 7 अगस्त को महिला की अल्ट्रासोनोग्राफी कराई गई। इसके बाद उसे हॉलीक्रॉस अस्पताल कुनकुरी से जेएमजे अस्पताल रायगढ़ रेफर किया गया।
रायगढ़ में उसका ऑपरेशन हुआ और 11 अगस्त को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। 22 अगस्त को फिर तबीयत बिगड़ने पर उसे संबलपुर के बुर्ला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद ओडिशा के कई अस्पतालों में उसका इलाज चला। इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई।