धिक्कार है ऐसे सिस्टम को गरियाबंद के मोतीपानी में 5 साल से गाय के कोठा में पढ़ रहे मासूम,स्कूल जतन योजना का भवन 4 साल से अधूरा, युवा रविंद्र मरकाम ने कलेक्टर से लगाई गुहार

Chhattisgarh Crimesधिक्कार है ऐसे सिस्टम को गरियाबंद के मोतीपानी में 5 साल से गाय के कोठा में पढ़ रहे मासूम,स्कूल जतन योजना का भवन 4 साल से अधूरा, आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में शिक्षा का मजाक, ग्राम भूतबेड़ा के आश्रित ग्राम मोतीपानी की तस्वीर ने खोली पोल,युवा रविंद्र मरकाम ने कलेक्टर से लगाई गुहार।

पूरा मेश्राम/मैनपुर। छत्तीसगढ़ सरकार एक तरफ शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। वहीं गरियाबंद जिले के विकासखंड मैनपुर के अंतिम छोर पर बसे आदिवासी बाहुल्य ग्राम में सरकारी सिस्टम की शर्मनाक तस्वीर सामने आई है।

जिला मुख्यालय से 75 किमी दूर ग्राम पंचायत भूतबेड़ा के आश्रित ग्राम मोतीपानी में पिछले 5 वर्षों से छोटे-छोटे मासूम बच्चे गाय के कोठा गौठान जैसे कच्चे खपरैल मकान में बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं।फोटो में साफ देखा जा सकता है।कि कैसे मासूम बच्चे एक जर्जर,मिट्टी के खपरैल मकान के सामने खड़े हैं,जो वास्तव में स्कूल नहीं बल्कि गांँव का एक कच्चा कोठा है। नीचे मिट्टी और कीचड़,ऊपर टपकती खपरैल छत। यही इन बच्चों का स्कूल है।

*स्कूल जतन योजना 4 साल से अधूरी,भवन बना खंडहर*

ग्रामीणों ने बताया कि गांव में शासन की महत्वाकांक्षी स्कूल जतन योजना के तहत 4 साल पहले नया स्कूल भवन स्वीकृत हुआ था। ठेकेदार ने आधा-अधूरा निर्माण कर उसे वैसे ही छोड़ दिया। आज तक भवन में न छत लगी, न प्लास्टर हुआ,न दरवाजा-खिड़की। वह अधूरा भवन अब जंगल में खंडहर बनकर खड़ा है, जिसमें मवेशी बैठते हैं।

मजबूरी में गांव के बच्चों को इसी गाय के कोठा में बिठाकर पढ़ाया जा रहा है। न बैठने के लिए बेंच है, न पीने का पानी, न शौचालय। बरसात में तो बच्चे भीगते-भीगते पढ़ते हैं।

जागरूक युवा रविंद्र मरकाम ने उठाई आवाज

ग्राम मोतीपानी के जागरूक युवा श्री रविंद्र मरकाम,नंदलाल नागेश, प्रेमकुमार, दुलारसिंह, थम्मन सिंह सहित समस्त ग्रामीणों ने इस पर गहरा आक्रोश जताया है। रविंद्र मरकाम ने बताया यह आदिवासी बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। 5 साल से हम सरपंच, जनपद, DEO, कलेक्टर सबको आवेदन दे चुके हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं। क्या आदिवासी क्षेत्र के बच्चों को अच्छी शिक्षा पाने का हक नहीं है। धिक्कार है ऐसे सिस्टम को जो हमें शिक्षा से वंचित कर रहा है।

ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर गरियाबंद से मांग की है कि

तत्काल मोतीपानी का अधूरा स्कूल भवन पूरा कराया जाए।

लापरवाह ठेकेदार और संबंधित इंजीनियर पर कार्यवाही हो।

जब तक भवन नहीं बनता, बच्चों के लिए अस्थायी रूप से सुरक्षित व्यवस्था की जाए और मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था सुधारी जाए।

 

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे बच्चों के साथ कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे।