छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में एक महिला के पेट से 8 किलो वजन का बड़ा ट्यूमर सफल ऑपरेशन के बाद निकाला गया। मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में प्रसूति-स्त्री रोग, जनरल सर्जरी और निश्चेतना विभाग के डॉक्टरों की संयुक्त टीम ने जटिल सर्जरी कर महिला की जान बचाई।
जानकारी के मुताबिक, ग्राम झलमला निवासी 46 वर्षीय चंपा यादव पिछले एक महीने से पेट में तेज दर्द, अत्यधिक सूजन और उल्टी की समस्या से परेशान थीं। 22 अगस्त को गंभीर हालत में उन्हें मेडिकल कॉलेज के प्रसूति-स्त्री रोग विभाग में भर्ती कराया गया।
शुरुआती जांच में उनका ब्लड प्रेशर गिरकर 84/54 mmHg तक पहुंच गया था। शरीर में खून की भी भारी कमी पाई गई। सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड में पता चला कि पेट में मौजूद विशाल ट्यूमर के दबाव से गर्भाशय अपनी जगह से खिसक गया था।
बाईं मूत्रवाहिनी दबने से किडनी पर भी असर पड़ रहा था, जबकि लिवर के पैरामीटर्स भी बिगड़ चुके थे।
पहले मरीज को किया गया स्थिर
महिला की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने पहले उन्हें सर्जरी के लिए तैयार करने का फैसला लिया। खून की कमी पूरी करने के लिए कई यूनिट पैक्ड रेड ब्लड सेल चढ़ाए गए। इसके साथ ही एंटीबायोटिक और अन्य उपचार देकर उनके शरीर और अंगों की स्थिति को सर्जरी के अनुकूल बनाया गया।
आंतों से गहराई से चिपका था ट्यूमर
मरीज की हालत स्थिर होने के बाद 1 सितंबर को जनरल एनेस्थीसिया के तहत हाई रिस्क सर्जरी की गई। एक्सप्लोरेटरी लेपरोटॉमी के दौरान डॉक्टरों के सामने बड़ी चुनौती थी, क्योंकि विशाल ट्यूमर आंतों से गहराई से चिपका हुआ था।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ऑपरेशन के दौरान जनरल सर्जरी विभाग की टीम को भी विशेष रूप से शामिल किया गया।
गर्भाशय समेत निकाला गया विशाल ट्यूमर
स्त्री रोग, जनरल सर्जरी और निश्चेतना विभाग के डॉक्टरों की संयुक्त टीम ने सावधानीपूर्वक आंतों से जुड़े ट्यूमर को अलग किया। दोनों मूत्रवाहिनियों को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित किया गया।इसके बाद गर्भाशय समेत करीब 8 किलो वजन के विशाल ट्यूमर को शरीर से बाहर निकाल लिया गया।
जटिल ऑपरेशन सफल रहा। सर्जरी के बाद चंपा यादव को रिकवरी रूम में शिफ्ट किया गया। उन्हें आईवी फ्लूइड और दर्द निवारक दवाएं दी जा रही हैं। फिलहाल उनकी हालत स्थिर है और वे धीरे-धीरे स्वस्थ हो रही हैं।
सर्जरी में इन डॉक्टरों की रही भूमिका
अधिष्ठाता डॉ. संतोष कुमार और अस्पताल अधीक्षक डॉ. दुर्गाशंकर पटेल के मार्गदर्शन में यह सर्जरी की गई। टीम में प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. राघवेन्द्र महिलांगे, डॉ. कुंती चौधरी, डॉ. अनीस भगत, निश्चेतना विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक सिंह सिदार और सर्जरी विभाग के डॉ. निखिलेश शिंदे शामिल रहे।
सर्जरी में नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।