छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में 2 सितंबर को हुई ED की कार्रवाई के बाद अखबार में छपी खबर को स्टेटस पर लगाने पर अनिल चंद्राकर ने युवक को कॉल कर धमकी दी

Chhattisgarh Crimesछत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में 2 सितंबर को हुई ED की कार्रवाई के बाद अखबार में छपी खबर को स्टेटस पर लगाने पर अनिल चंद्राकर ने युवक को कॉल कर धमकी दी। इतना ही नहीं, युवक को गांव छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया।

ED की कार्रवाई को लेकर अनिल चंद्राकर का नाम भी खबरों में आया था। युवक ने यही खबर अपने मोबाइल के स्टेटस पर लगाई थी। इसके बाद अनिल चंद्राकर ने दूसरे नंबर से युवक को कॉल किया।

आरोप है कि उसने युवक को गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। अनिल चंद्राकर ने कॉल पर युवक से कहा, “तुझे मारते-मारते थाने ले जाऊंगा। तू मुझे नहीं जानता, 6 महीने के लिए अंदर करवा सकता हूं।”

इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। युवक ने मामले की शिकायत थाने में की है। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मामला पाटन थाना क्षेत्र का है।

स्टेटस लगाने के अगले दिन आया कॉल

जानकारी के मुताबिक, पाटन के रूही गांव निवासी परमेश्वर सिंगौर ने वाट्सऐप पर न्यूज पेपर की कटिंग अपने स्टेटस पर लगाई थी। खबर स्टेटस पर लगाने के अगले दिन उन्हें एक व्यक्ति ने कॉल किया।

खुद को अनिल चंद्राकर बताते हुए उसने परमेश्वर से गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। कुछ घंटे बाद आरोपी के गांव आने की जानकारी मिली तो परमेश्वर डरकर गांव छोड़कर चले गए।

परमेश्वर ने फोन पर हुई बातचीत को अपने दोस्त के मोबाइल से रिकॉर्ड करने की बात कही है।

खबर में अनिल चंद्राकर को 2.80 करोड़ देने का जिक्र

मामला 3 सितंबर का है। परमेश्वर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उस दिन एक अखबार में यह खबर छपी थी। खबर में ED की कार्रवाई का जिक्र था। इसमें लिखा था कि करीब 2 करोड़ 80 लाख रुपए अनिल चंद्राकर को दिए गए थे।

परमेश्वर के मुताबिक, उन्होंने खबर को सिर्फ उत्सुकता में अपने मोबाइल के स्टेटस पर लगाया था। उनका कहना है कि वे अखबार में नाम छपे किसी भी व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते हैं और न ही उनका किसी से विवाद है।

पीड़ित ने बातचीत की रिकॉर्डिंग पुलिस को दी

शिकायत के मुताबिक, 4 सितंबर को दोपहर करीब 1.40 बजे परमेश्वर के मोबाइल पर एक नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने अपना नाम अनिल चंद्राकर बताया। परमेश्वर का आरोप है कि फोन उठाते ही उसने मां-बहन को लेकर गाली-गलौज की और कहा कि मारते-मारते थाने ले जाऊंगा।

परमेश्वर ने उसे समझाने की कोशिश की कि उसने किसी को अपमानित करने के लिए अखबार की खबर अपने स्टेटस पर नहीं लगाई थी। इसके बावजूद गाली-गलौज जारी रहने का आरोप है।

परमेश्वर ने पुलिस को बताया कि बातचीत के दौरान वह डर गया था। उसने अपने दोस्त भोला राम सिंगौर के मोबाइल से पूरी बातचीत रिकॉर्ड कराई। इस रिकॉर्डिंग को पेन ड्राइव में पुलिस को सौंपा गया है।

गांव आने की सूचना मिली तो घर छोड़कर चला गया

परमेश्वर के अनुसार, उसी दिन करीब 3.10 बजे उसे अनिल चंद्राकर के गांव आने की जानकारी मिली। गांव के ही हितेंद्र पटेल ने फोन कर बताया कि अनिल गांव आए हैं और उसे बुला रहे हैं। शिकायत में परमेश्वर ने आरोप लगाया है कि उसे यह भी कहा गया कि आज तुम्हें जान से मार देंगे।

इसके बाद परमेश्वर डरकर गांव छोड़कर चला गया। उसने पुलिस को बताया कि उसे अपनी जान का डर है। इसी वजह से वह घर से बाहर रहने को मजबूर है।

ईडी मामले से अपना कोई संबंध नहीं बताया

परमेश्वर ने शिकायत में बताया है कि जिस मामले से जुड़ी खबर उन्होंने स्टेटस पर लगाई थी, उससे उनका कोई संबंध नहीं है। उनका कहना है कि वह न तो इस मामले में गवाह हैं और न ही किसी जांच का हिस्सा हैं। अखबार में खबर पढ़ने के बाद उन्होंने उसे केवल जानकारी के लिए अपने स्टेटस पर लगाया था।

परमेश्वर ने पुलिस को अखबार में छपी खबर की कॉपी और फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग पेन ड्राइव में देने की बात कही है। शिकायत के आधार पर पाटन पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(4) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।

जानिए… कैसे सामने आया अनिल चंद्राकर का नाम

ED के मुताबिक, CGPSC की 2021 की परीक्षा का पेपर लीक कर कुछ अभ्यर्थियों और आरोपियों के रिश्तेदारों तक पहुंचाया गया था। इसके बदले अभ्यर्थियों से पैसे लिए गए। जांच में यह भी सामने आया कि इस मामले में डिप्टी कलेक्टर और DSP जैसे बड़े पदों पर गलत तरीके से चयन कराने की कोशिश की गई।

ED के अनुसार, उत्कर्ष चंद्राकर और डॉ. विकास चंद्राकर ने नौकरी पाने के इच्छुक अभ्यर्थियों को पेपर देने का भरोसा दिलाकर 3 करोड़ रुपए से ज्यादा नकद लिए। इसमें से करीब 2.80 करोड़ रुपए अनिल चंद्राकर को दिए गए। अखबार में इसी मामले से जुड़ी खबर छपी थी।