रायपुर में शनिवार को झीरम घाटी मामले को लेकर कांग्रेस ने राजीव भवन में अहम बैठक की

Chhattisgarh Crimesरायपुर में शनिवार को झीरम घाटी मामले को लेकर कांग्रेस ने राजीव भवन में अहम बैठक की। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की मौजूदगी में हुई बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता और झीरम हमले में शहीद हुए नेताओं के परिजन शामिल हुए। बैठक में एनआईए कोर्ट के फैसले के बाद आगे की रणनीति और कानूनी विकल्पों पर चर्चा की गई। बैठक से पहले भी कांग्रेस ने फैसले को लेकर असंतोष जताया था।

बैठक के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि झीरम के पीड़ित परिवार लगातार यही कहते रहे हैं कि उन्हें न्याय नहीं मिला। उनका कहना है कि फैसला तो आया, लेकिन न्याय अभी बाकी है। बघेल ने कहा कि आज की बैठक में शहीद और पीड़ित परिवारों से चर्चा की गई और उनकी बात सुनी गई।

बघेल के मुताबिक, बैठक में मौजूद परिवारों ने कहा कि एनआईए कोर्ट के फैसले के बाद भी उनके आंसू नहीं थमे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मानना है कि झीरम जैसे मामले में सिर्फ दोषियों को सजा देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि घटना के पीछे की पूरी साजिश और जिम्मेदार लोगों तक जांच पहुंचनी चाहिए।

बैज बोले- छोटे स्तर के नक्सलियों पर कार्रवाई हुई

दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस की नजर में एनआईए कोर्ट का फैसला मुख्य रूप से उन आरोपियों तक सीमित है, जिन्हें पार्टी नक्सली संगठन के निचले स्तर का सदस्य मानती है। उनके अनुसार, इनमें वे लोग शामिल हैं जो झोला उठाने और सूचना तंत्र के तौर पर काम करते थे। बैज ने कहा कि इन लोगों को जेल भेजा गया और कार्रवाई हुई, लेकिन झीरम मामले में जिन बड़े स्तर के लोगों की भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे हैं, उन तक जांच नहीं पहुंची।

हालांकि, यह कांग्रेस की ओर से किया गया दावा है। अदालत ने ट्रायल का सामना कर रहे 10 आरोपियों को दोषी ठहराने के बाद 16 सितंबर को उन्हें मृत्युदंड सुनाया है। मामले में 11 आरोपी ट्रायल पर थे, जिनमें से एक की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी।

दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस, वरिष्ठ वकीलों से भी लेंगे राय

बैज ने कहा कि झीरम मामले में कांग्रेस जल्द ही पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से समय लेकर मुलाकात करेगी। दिल्ली में बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए भी इस मुद्दे को उठाने की तैयारी है। उन्होंने कहा कि पीड़ित और शहीद परिवारों को न्याय दिलाने के लिए सभी संबंधित लोगों से चर्चा की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस एनआईए कोर्ट के फैसले के खिलाफ कानूनी लड़ाई के विकल्प तलाशेगी। इसके लिए वरिष्ठ वकीलों से चर्चा कर कानूनी राय ली जाएगी। बैज के मुताबिक, बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है।

2013 में हुआ था झीरम हमला

25 मई 2013 को बस्तर की झीरम घाटी में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले पर माओवादी हमला हुआ था। इसमें कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं समेत बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई थी। एनआईए की विशेष अदालत ने सितंबर 2026 में मामले में ट्रायल का सामना कर रहे सभी 10 आरोपियों को दोषी ठहराया और बाद में सभी को मौत की सजा सुनाई।