कांकेर जिले के चारामा शहर में नेशनल हाईवे और शराब दुकानों के आसपास संचालित ढाबों में शराब पिलाने को लेकर उठ रहे सवालों के बीच पुलिस ने देवांगन ढाबा संचालक मिथलेश उर्फ बल्ला देवांगन के खिलाफ कार्रवाई की है।
ढाबे में ग्राहकों को बैठाकर शराब पीने की सुविधा दिए जाने का एक वीडियो सामने आया था। इसके बाद पुलिस ने ढाबा संचालक के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 36(सी) के तहत मामला दर्ज किया और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेज दिया।
जानकारी के अनुसार, देवांगन ढाबा में चखना की आड़ में ग्राहकों को कुर्सी-टेबल पर बैठाकर शराब पीने की सुविधा दिए जाने का आरोप था। इसी दौरान ढाबे का एक वीडियो सामने आया, जिसमें एक व्यक्ति को बैठकर शराब पीते हुए देखा गया।
वीडियो सामने आने के बाद चारामा क्षेत्र में ढाबों में शराबखोरी और अन्य अवैध गतिविधियों को लेकर चर्चा तेज हो गई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच कर ढाबा संचालक के खिलाफ कार्रवाई की।
आबकारी एक्ट के तहत FIR, जेल भेजा गया
पुलिस के मुताबिक, मिथलेश उर्फ बल्ला देवांगन (38), पिता गणेश देवांगन, निवासी नाकापारा चारामा के खिलाफ ढाबे में बैठाकर लोगों को शराब पीने की सुविधा देने के आरोप में धारा 36(सी) आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। इसके अलावा पुलिस ने उसके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की और उसे जेल भेज दिया।
जनवरी से अब तक कई मामलों में कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि जनवरी 2026 से अब तक ढाबा संचालक के खिलाफ अलग-अलग मामलों में कई बार कार्रवाई की जा चुकी है। इनमें आबकारी एक्ट के साथ मारपीट, धमकी और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई से जुड़े मामले भी शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ दर्ज मामलों में अपराध क्रमांक 42/26 में धारा 36(सी) आबकारी एक्ट, अपराध क्रमांक 57/26 में धारा 296, 115(2), 351(2), 3(5) BNS, अपराध क्रमांक 59/26 में धारा 34(1) आबकारी एक्ट और अपराध क्रमांक 91/26 में धारा 36(च) आबकारी एक्ट शामिल हैं।
इसके अलावा प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के तहत इस्तगासा क्रमांक 14/26 और 13/26 भी दर्ज किए गए हैं।
हाईवे किनारे शराबखोरी से सड़क सुरक्षा पर भी सवाल
चारामा में नेशनल हाईवे और शराब दुकानों के आसपास ढाबों में शराब का सेवन कराया जाना सड़क सुरक्षा के लिहाज से भी चिंता का विषय माना जा रहा है। शराब पीने के बाद वाहन चलाने की स्थिति में दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी ढाबे में चखना बेचने की आड़ में शराब पिलाई जा रही है या अवैध रूप से शराब उपलब्ध कराई जा रही है, तो संबंधित विभागों को नियमित जांच करनी चाहिए।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब क्षेत्र के अन्य ढाबों में भी ऐसी गतिविधियों की निगरानी और जांच को लेकर सवाल उठ रहे हैं।